नेपाल: बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़, चार पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान
नेपाल की ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को एक और झटका लगा है। हाल ही में गोरखा जिले की बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने 412 मेगावाट से अधिक की कुल क्षमता वाली चार पनबिजली परियोजनाओं (हाइड्रोप्रोजेक्ट्स)…
नेपाल की ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को एक और झटका लगा है। हाल ही में गोरखा जिले की बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने 412 मेगावाट से अधिक की कुल क्षमता वाली चार पनबिजली परियोजनाओं (हाइड्रोप्रोजेक्ट्स) को भारी नुकसान पहुँचाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना नेपाल के स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढाँचे की जलवायु संबंधी आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है, खासकर ऐसे समय में जब देश दक्षिण एशिया में एक बड़ा बिजली निर्यातक बनने का लक्ष्य रख रहा है।
नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ (IPPAN) ने एक बयान जारी कर बताया कि रविवार तड़के आई इस बाढ़ ने नदी के किनारे बसे दोभान, घट्टेखोला, जगत और सल्लेरी जैसे इलाकों को प्रभावित किया। यह आपदा इस साल 26 अगस्त को भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ की याद दिलाती है, जिसने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी।
प्रभावित परियोजनाएँ और नुकसान का ब्यौरा
IPPAN के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आने वाली परियोजनाओं में सबसे बड़ी 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी हाइड्रोपावर परियोजना है, जिसका मुख्य कैंप क्षेत्र बाढ़ में डूब गया और कुछ निर्माण उपकरण भी बह गए।
इसके अलावा, तीन अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुँचा है:
- दोभान खोला (24.5 MW): कैंप क्षेत्र में कुछ घर क्षतिग्रस्त हो गए और प्रोजेक्ट साइट के पास बना बेली ब्रिज बह गया।
- यारू खोला (30.59 MW): निर्माण कार्य में सहायक बेली ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया, साथ ही निर्माण सामग्री और उपकरण भी बह गए।
- माछा खोला (16 MW): परियोजना स्थल तक पहुँचने वाली सड़क और पुल को नुकसान पहुँचा है।
अगस्त की बाढ़ से मिली थी चेतावनी
विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में आई बाढ़ ने 12 पनबिजली परियोजनाओं और एक सौर ऊर्जा परियोजना को नुकसान पहुँचाया था, जिनकी कुल क्षमता लगभग 676 मेगावाट (281.1 MW चालू और 395.02 MW निर्माणाधीन) थी। उस आपदा के कारण राष्ट्रीय ग्रिड को 149.6 मेगावाट बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई थी। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, अगस्त की उस आपदा में 1,455 लोग मारे गए थे और 5,285 लोग अब भी लापता हैं।
इनपुट: IANS



