मेक्सिको की ओर बढ़ रहा शक्तिशाली तूफ़ान 'पोलो', तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मेक्सिको के प्रशांत तट पर शक्तिशाली तूफ़ान 'पोलो' का खतरा मंडरा रहा है, जिसके सोमवार दोपहर तक ज़मीन से टकराने की आशंका है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तूफ़ान के कारण तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज़…
मेक्सिको के प्रशांत तट पर शक्तिशाली तूफ़ान 'पोलो' का खतरा मंडरा रहा है, जिसके सोमवार दोपहर तक ज़मीन से टकराने की आशंका है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तूफ़ान के कारण तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज़ हवाएँ चलने, भारी बारिश होने और समुद्र में ऊँची लहरें उठने की चेतावनी जारी की गई है। इसके चलते मेक्सिको और अमेरिका, दोनों देशों के अधिकारियों ने नागरिकों से आपातकालीन तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है।
रविवार को यह तूफ़ान थोड़ा कमजोर होकर सैफिर-सिम्पसन स्केल पर कैटेगरी-3 का हो गया था, लेकिन इसे अब भी बेहद खतरनाक माना जा रहा है। दोपहर के समय इसकी स्थिति काबो सैन लुकास से लगभग 425 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम और बाजा कैलिफ़ोर्निया सुर के काबो सैन लजारो से करीब 460 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में थी। तूफ़ान लगभग 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हवा की रफ्तार और बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफ़ान के साथ लगातार चलने वाली हवाओं की अधिकतम गति 195 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि इसके झोंके 240 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच रहे हैं। अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर ने बाजा कैलिफ़ोर्निया सुर के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 25 से 50 मिलीमीटर तक बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि तटीय इलाकों में तीन से पाँच मीटर तक ऊँची लहरें उठ सकती हैं।
अधिकारियों ने जारी की चेतावनी
मेक्सिको की नेशनल सिविल प्रोटेक्शन कोऑर्डिनेशन ने बाजा कैलिफ़ोर्निया सुर, सोनोरा और सिनालोआ के निवासियों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। कई इलाकों में 'हरिकेन चेतावनी' और 'हरिकेन वॉच' लागू कर दी गई है। उदाहरण के लिए, पुंटा एब्रियोजोस से सांता फे तक हरिकेन चेतावनी है, जबकि सोनोरा के तट पर हुताबाम्पिटो से बाहिया कीनो तक 'हरिकेन वॉच' जारी है। समुद्री हालात बिगड़ने के कारण मेक्सिको की नौसेना ने कई राज्यों में बंदरगाह भी बंद कर दिए हैं।
नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह
सिविल प्रोटेक्शन अधिकारियों ने लोगों को समुद्र तटों, चट्टानी इलाकों और ऊंची लहरों की चपेट में आने वाली अन्य जगहों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही, नालों या नदियों को पार न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे अपने नजदीकी राहत केंद्रों की जानकारी रखें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली मौसम की जानकारी पर ही भरोसा करें।
इनपुट: IANS



