सोमवार, 3 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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PoK में अशांति की रिपोर्टिंग पर पाकिस्तान में अल जज़ीरा पर रोक? प्रेस की आज़ादी पर उठे सवाल

पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों और तनाव की रिपोर्टिंग के बाद देश में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान की वेबसाइट तक पहुँच बाधित कर दी गई है। समाचार एजेंसी IANS…

PoK में अशांति की रिपोर्टिंग पर पाकिस्तान में अल जज़ीरा पर रोक? प्रेस की आज़ादी पर उठे सवाल
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों और तनाव की रिपोर्टिंग के बाद देश में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान की वेबसाइट तक पहुँच बाधित कर दी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि वे 'अल जज़ीरा' की वेबसाइट नहीं देख पा रहे हैं, जिससे देश में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

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यह कथित रोक ऐसे समय में सामने आई है जब PoK में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पिछले चार दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स का यह भी दावा है कि PoK के घटनाक्रम पर चैनल की कवरेज से पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के कुछ हिस्से नाखुश थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

PoK में विरोध और हिंसा

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सदस्य सरदार उमर नज़ीर कश्मीरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सुरक्षा बलों पर हिंसक कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में हमारे 50 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।" कमेटी के एक अन्य बयान में कहा गया कि मुज़फ़्फ़राबाद इलाके में प्रदर्शनकारी अपने बुनियादी अधिकारों की सुरक्षा और स्थानीय अधिकारियों द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर देर रात तक सड़कों पर डटे रहे।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंताएँ

इन घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की गई है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार फाउंडेशन (HRF) ने PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा की है। स्थानीय नागरिक समाज समूहों का हवाला देते हुए संगठन ने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हज़ारों लोगों पर गोलियाँ चलाईं। HRF ने पाकिस्तानी अधिकारियों से इस कार्रवाई को रोकने, संचार सेवाओं को बहाल करने और बल के किसी भी अवैध इस्तेमाल के लिए जवाबदेही तय करने की माँग की है।

हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अब तक न तो रिपोर्ट की गई मौतों की संख्या की पुष्टि की है और न ही इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है। इस बीच, अल जज़ीरा पर कथित रोक ने पाकिस्तान में पारदर्शिता और सूचना के स्वतंत्र प्रवाह को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इनपुट: IANS

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