DMK विधायक मार्कंडेयन की गिरफ्तारी पर विवाद: बेटे ने पुलिस पर 13 घंटे की पूछताछ में डराने-धमकाने का आरोप लगाया
तमिलनाडु में DMK विधायक जीवी मार्कंडेयन की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विधायक के बेटे अक्षय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पिता से 13 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई और…
तमिलनाडु में DMK विधायक जीवी मार्कंडेयन की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विधायक के बेटे अक्षय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पिता से 13 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई और इस दौरान उन्हें डराया-धमकाया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अक्षय ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पिता पर सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक एजेंडे के अनुसार बयान देने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की।
यह पूरा मामला मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ दिए गए एक बयान से जुड़ा है। मार्कंडेयन को इसी मानहानि मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने एक भाषण में मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए कहा था, "हम आपकी हड्डियां तोड़ देंगे।"
लंबी पूछताछ और स्वास्थ्य पर सवाल
अक्षय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस भाषण की जांच हो रही है, वह केवल पांच मिनट का था, ऐसे में 13 घंटे की पूछताछ का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने अपने पिता के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस लंबी पूछताछ को अनुचित बताया। अक्षय के अनुसार, मार्कंडेयन मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं, और ऐसी स्वास्थ्य स्थिति में उनसे इतने लंबे समय तक पूछताछ नहीं की जानी चाहिए थी।
न्यायिक हिरासत और राजनीतिक आरोप
पूछताछ के बाद, विलाथिकुलम से विधायक मार्कंडेयन को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनके बेटे अक्षय ने इस गिरफ्तारी को सत्तारूढ़ टीवीके सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के काम को बाधित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने जैसा है। परिवार ने पुलिस की इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है।
इनपुट: IANS



