मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, अंतर-राज्यीय बस सेवाएं फिर शुरू करने पर ज़ोर
मणिपुर में मौजूदा सुरक्षा हालात का जायजा लेने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को 'यूनिफाइड कमांड' की एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। समाचार…
मणिपुर में मौजूदा सुरक्षा हालात का जायजा लेने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को 'यूनिफाइड कमांड' की एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु शांति बनाए रखना, सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना और प्रमुख परिवहन मार्गों पर लोगों व सामान की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था।
सिविल सचिवालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में राज्य के दोनों महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों — इंफाल-जिरीबाम (NH-37) और इंफाल-दीमापुर (NH-2) — पर सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। ये राजमार्ग चारों ओर से जमीन से घिरे इस राज्य के लिए जीवन रेखा माने जाते हैं। गौरतलब है कि 3 मई, 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से कांगपोकपी जिले से गुजरने वाले NH-2 पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में गंभीर समस्याएं आई हैं।
प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी
इस अहम बैठक में राज्य के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए, जिनमें मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, मुख्य सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) लहरी दोरजी ल्हातू शामिल थे। इनके अलावा, असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा, 57 माउंटेन डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल शुभंकर बसु और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक राजेंद्र नारायण डैश भी मौजूद थे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
बस सेवाएं बहाल करने पर मंथन
यूनिफाइड कमांड की बैठक के ठीक बाद, मुख्यमंत्री ने इन्हीं सुरक्षा अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा इंफाल-गुवाहाटी और इंफाल-दीमापुर के बीच बस सेवाओं को जल्द से जल्द फिर से शुरू करना था। इसमें यात्री बसों के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इन बस सेवाओं की बहाली को मणिपुर और पड़ोसी राज्यों असम व नागालैंड के बीच सामान्य स्थिति लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बता दें कि 8 अगस्त को मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन और विधायक हाओखोलेट किपजेन ने इन दो बस सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी।
इनपुट: IANS



