विदेशी चंदा कानून में बदलाव के खिलाफ मेघालय कांग्रेस का प्रदर्शन, संपत्ति जब्त होने की चिंता जताई
मेघालय में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा 'विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम' यानी एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने चिंता जताई है कि इन बदलावों से विदेशी चंदे पर…
मेघालय में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा 'विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम' यानी एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने चिंता जताई है कि इन बदलावों से विदेशी चंदे पर निर्भर चर्चों, शिक्षण संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की संपत्तियां खतरे में पड़ सकती हैं। इसी मुद्दे पर सोमवार को शिलांग में मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च का आयोजन किया।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडों और तख्तियों के साथ शामिल हुए और प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक के खिलाफ नारेबाज़ी की। कांग्रेस का आरोप है कि ये संशोधन चर्चों, अस्पतालों और सामाजिक कार्य करने वाले अन्य संगठनों के कामकाज पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
संपत्ति ज़ब्ती का डर
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विंसेंट एच. पाला ने प्रस्तावित कानून को 'इतिहास के सबसे खतरनाक बिलों में से एक' बताया। उन्होंने विशेष रूप से क्लॉज 16ए पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि इसके तहत किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण रद्द होने, नवीनीकृत न होने या स्वेच्छा से सरेंडर करने की स्थिति में उसकी संपत्ति जब्त की जा सकती है।
पाला ने दावा किया, "अगर आपके चर्च या स्कूल को बहुत कम प्रतिशत में भी विदेशी फंडिंग मिलती है, तो भी पूरी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।" उनके अनुसार, यह प्रावधान उस संपत्ति पर भी लागू होगा जिसका ज़्यादातर हिस्सा स्थानीय लोगों के योगदान से बना हो।
विरोध का उद्देश्य
विंसेंट पाला ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी विदेशी योगदान के दुरुपयोग को रोकने के लिए बने नियमों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि एफसीआरए दशकों से लागू है, लेकिन ये नए संशोधन अपने मूल उद्देश्य से कहीं आगे जा रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "हम भारत सरकार के खिलाफ नहीं हैं, हम भारत के खिलाफ नहीं हैं।"
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने सदस्यों के लिए व्हिप जारी किया है और इस विधेयक को 13 अगस्त को निर्धारित अवकाश से पहले संसद में पेश किया जा सकता है। मेघालय कांग्रेस इस मार्च के ज़रिए संशोधनों पर संसद में विचार होने से पहले एक जनमत तैयार करने का प्रयास कर रही है।
इनपुट: IANS



