महाराष्ट्र में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल, 'सामना' के जरिए शिवसेना (UBT) ने सरकार को घेरा
महाराष्ट्र में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय के जरिए सरकार…
महाराष्ट्र में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि जो राज्य कभी महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता था, वह अब इस मामले में देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संपादकीय में कहा गया है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है, जिसका एक कारण उन्हें मिलने वाला कथित राजनीतिक संरक्षण है।
पुणे में हुई दिल दहला देने वाली घटना
संपादकीय में हाल ही में पुणे जिले में हुई एक खौफनाक वारदात का जिक्र किया गया है। जुन्नर तालुका के पिंपलवंडी गांव में एक 25 वर्षीय युवक ने 9 साल की बच्ची को साइकिल सिखाने के बहाने अगवा कर लिया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। शिवसेना (यूबीटी) ने लिखा कि आरोपी ने शव को छिपाने के बाद खुद पुलिस और ग्रामीणों के साथ मिलकर उसे खोजने का नाटक भी किया। हालांकि, बाद में सीसीटीवी फुटेज की जांच में वह पकड़ा गया।
इस घटना से पहले, भोर तालुका के नसरापुर में भी इसी तरह का यौन शोषण और हत्या का मामला सामने आया था। 'सामना' ने सवाल उठाया है कि नसरापुर मामले में 65 वर्षीय दोषी को 58 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुना दी गई थी, फिर भी पिंपलवंडी जैसी घटना नहीं रुकी। पुणे ग्रामीण पुलिस प्रमुख ने पिंपलवंडी मामले में 15 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन संपादकीय में पूछा गया है कि क्या सिर्फ ऐसे वादों से अपराध रुक पाएंगे?
अपराध के चिंताजनक आंकड़े
शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि सिर्फ पुणे ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में हालात चिंताजनक हैं। संपादकीय के अनुसार, हाल के वर्षों में राज्य में छोटे बच्चों और बच्चियों के खिलाफ हिंसा और हत्या के 23,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। यह भी बताया गया कि खुद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि कुल अपराध के आंकड़ों में महाराष्ट्र देश में 8वें स्थान पर है। पार्टी ने इन आंकड़ों को शर्मनाक बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
इनपुट: IANS



