महाराष्ट्र में 'महा-आईडी' से बदलेगा सरकारी कामकाज का तरीका, घर बैठे मिलेंगी सारी सुविधाएं
महाराष्ट्र में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अब बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने और ढेरों दस्तावेज़ जमा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार जल्द ही 'महा-आईडी' नाम की एक नई डिजिटल…
महाराष्ट्र में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अब बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने और ढेरों दस्तावेज़ जमा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार जल्द ही 'महा-आईडी' नाम की एक नई डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रही है, जिसका मकसद सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर नागरिकों को घर बैठे ही तेज़ और पारदर्शी सेवाएं देना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई अलग पहचान पत्र नहीं, बल्कि सीधे आधार कार्ड से जुड़ी एक एकीकृत डिजिटल आईडी होगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी सरकारी विभागों को AI और IT आधारित समाधान अपनाने का निर्देश दिया है, ताकि नागरिकों तक सरकारी सेवाएं सीधे पहुंचाई जा सकें। 'महा-आईडी' इसी बड़ी डिजिटल गवर्नेंस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।
कैसे काम करेगी 'महा-आईडी'?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रणाली को इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और AI विभाग के तहत 'महा-सारथी' पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। नागरिकों को इस पोर्टल पर पंजीकरण करके ज़रूरी जानकारी देनी होगी, जिसके बाद आधार फ्रेमवर्क का उपयोग करते हुए उनकी डिजिटल 'महा-आईडी' तैयार हो जाएगी। इसके बाद किसी भी सरकारी सेवा, योजना या सब्सिडी के लिए आवेदन करते समय उन्हें सिर्फ़ अपनी 'महा-आईडी' बतानी होगी।
सरकार के पास पहले से ही नागरिकों के निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड मौजूद हैं। 'महा-आईडी' बनने के बाद इन पहले से सत्यापित डेटा का इस्तेमाल अपने-आप हो जाएगा, जिससे हर बार दस्तावेज़ों की भौतिक कॉपी जमा करने की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी।
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज़्यादा फायदा?
इस एकीकृत व्यवस्था से छात्रों, किसानों, वरिष्ठ नागरिकों, महिला उद्यमियों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए अलग-अलग शिक्षा पोर्टलों पर पंजीकरण करना पड़ता है और किसानों को सब्सिडी के लिए बार-बार अपनी पहचान, ज़मीन और बैंक का विवरण देना होता है। 'महा-आईडी' इन सभी झंझटों से मुक्ति दिलाएगी।
यह प्रणाली अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच की बाधाओं को भी खत्म करेगी। 'महा-आईडी' और 'महा-सारथी' पोर्टल के एकीकरण से जब विभागों का डेटा एक-दूसरे से जुड़ जाएगा, तो जानकारी का आदान-प्रदान अपने आप हो सकेगा। इससे नागरिकों को भी कई अकाउंट बनाने, अलग-अलग यूजरनेम-पासवर्ड याद रखने और बार-बार पहचान सत्यापन कराने की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।
इनपुट: IANS



