रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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संसद का मानसून सत्र: नए समीकरणों और महत्वपूर्ण विधेयकों के बीच स्पीकर ने बुलाई अहम बैठक

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के विधायी कार्यों का एजेंडा तय करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने रविवार शाम 5 बजे व्यावसायिक सलाहकार…

संसद का मानसून सत्र: नए समीकरणों और महत्वपूर्ण विधेयकों के बीच स्पीकर ने बुलाई अहम बैठक
(फोटो: IANS)

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के विधायी कार्यों का एजेंडा तय करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने रविवार शाम 5 बजे व्यावसायिक सलाहकार समिति (BAC) की बैठक बुलाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी, जिसमें सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है।

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मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संसद भवन एनेक्सी में चल रही सर्वदलीय बैठक में उस वक्त गतिरोध पैदा हो गया, जब 'इंडिया' गठबंधन के सांसद तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (एनसीपीआई) के सदस्यों की मौजूदगी का विरोध करते हुए बाहर चले गए। सरकार इस बैठक के जरिए सभी दलों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील कर रही थी।

बदलता सियासी समीकरण और अध्यक्ष की भूमिका

इस सत्र में सदन का अंकगणित भी बदला हुआ नजर आ सकता है। तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय और उद्धव सेना के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना में शामिल होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को फैसला लेना है। इन बदलावों से सत्ताधारी एनडीए की संख्या बढ़ने और विपक्षी गठबंधन के कमजोर होने की संभावना है। इसके अलावा, तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके के गठबंधन के बाद डीएमके ने भी स्पीकर को पत्र लिखकर अपने सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है।

सत्र के एजेंडे में महत्वपूर्ण विधेयक

सरकार के एजेंडे में कई अहम विधेयक शामिल हैं, जिन पर सबकी नजरें रहेंगी। इनमें 'एक देश, एक चुनाव' बिल, महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक और 130वां संविधान संशोधन विधेयक प्रमुख हैं। 130वें संशोधन विधेयक में गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिनों तक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद से स्वतः हटाने का प्रावधान है।

इनके अलावा, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एफसीआरए), विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, और एंटी-डोपिंग बिल भी पेश किए जाने की उम्मीद है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले अध्यादेश की जगह लेने वाले प्रस्ताव और कॉर्पोरेट कानून से जुड़े बिल भी सदन के पटल पर रखे जा सकते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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