रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का साया: क्रेमलिन ने कहा- शांति प्रयासों में मदद नहीं मिलेगी
रूस ने सोमवार को कहा है कि उसके तेल और गैस निर्यात पर लगाए गए नए अमेरिकी प्रतिबंध यूक्रेन में शांति स्थापित करने की कोशिशों में मददगार साबित नहीं होंगे। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, क्रेमलिन ने यह…
रूस ने सोमवार को कहा है कि उसके तेल और गैस निर्यात पर लगाए गए नए अमेरिकी प्रतिबंध यूक्रेन में शांति स्थापित करने की कोशिशों में मददगार साबित नहीं होंगे। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, क्रेमलिन ने यह भी कहा कि इन प्रतिबंधों से दोनों देशों के बीच संबंधों की बहाली में भी कोई मदद नहीं मिलेगी।
यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को रूस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बाद आई है, जिससे यह कानून बन गया है। इस कानून का सीधा निशाना रूस के ऊर्जा और रक्षा उद्योग हैं। इसके अलावा, तेल की ढुलाई करने वाले रूस के तथाकथित "शैडो फ्लीट" टैंकर भी इसके दायरे में आते हैं।
रूस और यूक्रेन का पक्ष
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस पहले ही इन प्रतिबंधों के साथ जीना सीख चुका है और इनके असर को कम करने के तरीके भी खोज लिए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस के कई व्यापारिक साझेदार भी इस तरह के प्रतिबंधों का विरोध करते हैं।
वहीं दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह शांति की दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न्यूयॉर्क में उनसे मुलाकात के लिए सहमत हो गए हैं और यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ समन्वय में काम करेगा।
न्यूयॉर्क में मुलाकात की संभावना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा, "हम न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमत हुए हैं और यह मुलाकात बहुत कुछ बदल सकती है। कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक गति बनी हुई है।" हालांकि, उन्होंने इस मुलाकात की तारीख या एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी शांति समझौते या उसे लागू करने की समयसीमा की घोषणा नहीं की गई। उन्होंने शांति स्थापना को यूक्रेन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है।
इनपुट: IANS



