KPSC भर्ती घोटाला: प्रियांक खड़गे ने कुमारस्वामी को दी चुनौती, कहा- 'संलिप्तता साबित करें, राजनीति छोड़ दूँगा'
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच KPSC भर्ती घोटाले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे और एचसी बालकृष्ण ने मंगलवार को कुमारस्वामी…
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच KPSC भर्ती घोटाले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे और एचसी बालकृष्ण ने मंगलवार को कुमारस्वामी पर पलटवार करते हुए उनके आरोपों को निराधार बताया और उन्हें जिम्मेदारी से बोलने की नसीहत दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रियांक खड़गे ने कुमारस्वामी को खुली चुनौती दी है कि अगर वे घोटाले में उनकी संलिप्तता का एक भी मामला साबित कर दें, तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
यह पूरा विवाद केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने रविवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने एक गिरफ्तार आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की गतिविधियों का हवाला देते हुए राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से जवाबदेही की मांग की थी।
'हिट-एंड-रन के आरोप लगाते हैं कुमारस्वामी'
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कुमारस्वामी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी से बोलना चाहिए।” खड़गे ने स्पष्ट किया कि परीक्षा आयोजित करना KPSC का काम है, न कि उनके विभाग का। उन्होंने सवाल उठाया, “अध्यक्ष कौन है? वह भाजपा द्वारा मनोनीत अध्यक्ष हैं। परीक्षा कौन लिखता है? ओएमआर शीट किसके पास रखी जाती हैं? वे केपीएससी के पास रखी जाती हैं।”
खड़गे ने कुमारस्वामी पर 'हिट-एंड-रन' की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पूछा, “कुमारस्वामी तो सिर्फ हिट-एंड-रन के आरोप लगाते हैं। उन्होंने किस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया है?” उन्होंने कुमारस्वामी को चुनौती देते हुए कहा, “क्या वे राजनीति से संन्यास लेने को तैयार हैं?”
'अपने क्षेत्र में रोजगार पर ध्यान दें'
वहीं, नगर प्रशासन मंत्री एचसी बालकृष्ण ने भी कुमारस्वामी की आलोचना की। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी, आप भारी उद्योग और इस्पात मंत्रालय के प्रभारी हैं। आपको झूठे आरोप लगाने के बजाय अपने निर्वाचन क्षेत्र में उद्योग स्थापित करके युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने पर काम करना चाहिए।”
बालकृष्ण ने यह भी कहा कि नेताओं को एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले करने के बजाय जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने चेताया, “मौजूदा हालात में हर कोई कांच के घर में बैठा है। अगर जांच होती है तो हर कोई जांच के दायरे में आ सकता है।”
इनपुट: IANS



