बुधवार, 22 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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नितिन राज आत्महत्या मामला: केरल पुलिस की जांच पर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी, पूछा- क्या न्याय से ज़्यादा ताकतवर पैसा हो गया है?

केरल हाईकोर्ट ने अंजारकंडी डेंटल कॉलेज के छात्र आरएल नितिन राज की मौत के मामले में पुलिस की जांच पर बेहद सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने मुख्य आरोपी डॉ. एमके राम की गिरफ्तारी में हुई गंभीर प्रक्रियात्मक…

नितिन राज आत्महत्या मामला: केरल पुलिस की जांच पर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी, पूछा- क्या न्याय से ज़्यादा ताकतवर पैसा हो गया है?
(फोटो: IANS)

केरल हाईकोर्ट ने अंजारकंडी डेंटल कॉलेज के छात्र आरएल नितिन राज की मौत के मामले में पुलिस की जांच पर बेहद सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने मुख्य आरोपी डॉ. एमके राम की गिरफ्तारी में हुई गंभीर प्रक्रियात्मक चूकों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन्हीं खामियों की वजह से आरोपी को जमानत मिल गई, जिससे मिलीभगत का संदेह पैदा होता है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने नितिन राज के परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि क्या वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपी को बचाने की कोशिश की थी। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, "क्या पैसा न्याय से ज्यादा ताकतवर हो गया है? क्या पुलिस का काम अमीरों को बचाते हुए आम लोगों को परेशान करना है?"

पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल

अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि जांच रिपोर्ट और केस डायरी जैसी गोपनीय जानकारी बचाव पक्ष तक कैसे पहुंच गई। इससे पुलिस के भीतर से ही सूचना लीक होने की आशंका जताई गई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस ने आरोपी के दबाव में काम किया और यह एक सोची-समझी साजिश लगती है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ जांच टीम बदल देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती, क्योंकि राज्य में कानून-व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली विफल हो चुकी है।

निचली अदालत ने भी पाई थीं खामियां

इससे पहले, थलासेरी प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने भी पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया था। सेशंस कोर्ट ने कहा था कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी के लिए तय जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। गिरफ्तारी मेमो में ठोस कारण बताने के बजाय सिर्फ यह लिखा गया था कि आरोपी ने गंभीर अपराध किया है और सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसी आधार पर अदालत ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार देते हुए डॉ. राम को जमानत दे दी थी।

सरकार और पुलिस का अगला कदम

हाईकोर्ट की इन सख्त टिप्पणियों के बाद राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस प्रमुख को निर्देश दिए गए हैं कि वे अदालत द्वारा उजागर की गई सभी कमियों को दूर करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। इस बीच, अभियोजन पक्ष ने आरोपी डॉ. एमके राम को दोबारा गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए जिला सेशंस कोर्ट में एक नई याचिका दायर की है, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होनी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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