वायनाड कल्लाडी टनल हादसा: केरल सरकार ने मिट्टी हटाने के सुरक्षित तरीकों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई
केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी टनल निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन के बाद, राज्य सरकार ने जमा हुई मिट्टी को सुरक्षित तरीके से हटाने के उपायों की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी टनल निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन के बाद, राज्य सरकार ने जमा हुई मिट्टी को सुरक्षित तरीके से हटाने के उपायों की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बताया कि यह फैसला एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया जिसमें गृह मंत्री और लोक निर्माण मंत्री भी शामिल थे।
यह कदम भारी बारिश के कारण हुए उस भूस्खलन के बाद उठाया गया है जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने पहले कहा था कि घटना का मुख्य कारण निर्माण स्थल के पास जमा की गई खुदाई की मिट्टी और मलबे का खिसकना था।
विशेषज्ञ समिति की संरचना और कार्य
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस विशेषज्ञ पैनल में तीन सदस्य शामिल हैं: एनआईटी कालीकट के प्रोफेसर डॉ. संतोष जी. थम्पी, पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. जूड इमैनुएल (जो संयोजक भी हैं), और एनसीईएसएस (NCESS) के एक प्रतिनिधि। यह समिति मौके पर जाकर हालात का जायजा लेगी और जमा हो चुकी मिट्टी को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए अपने सुझाव देगी।
लापरवाही के आरोप और सुरक्षा चिंताएं
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार कंपनी ने मिट्टी हटाने के लिए दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया था। उन्होंने बताया कि वायनाड के जिला कलेक्टर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 20 जून को ही ठेकेदार को साइट से खोदी गई मिट्टी हटाने के निर्देश दे दिए थे। मॉनसून को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों को जोखिम वाली जगहों की पहचान कर उनका निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
इनपुट: IANS



