करूर भगदड़: CM विजय ने 32 पीड़ित परिवारों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- दिल का दर्द आज भी ज़िंदा है
पिछले साल तमिलनाडु के करूर में एक चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राहत देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को 32 प्
पिछले साल तमिलनाडु के करूर में एक चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राहत देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को 32 प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह त्रासदी उनके दिल में एक "अमिट घाव" की तरह है, जिसका दर्द आज भी कायम है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, करूर के एटलस एरिना में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के परिजनों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नौकरियां दीं। यह सरकारी पुनर्वास प्रयासों का हिस्सा है। गौरतलब है कि पिछले साल 27 सितंबर को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले टीवीके पार्टी की रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
न्यायालय के निर्देश और सरकारी सहायता
यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। अदालत में सरकार के स्थायी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई है, जिस पर न्यायालय ने फिलहाल अस्थायी नियुक्तियों की अनुमति दी है। इससे पहले, त्रासदी के बाद तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि और टीवीके पार्टी ने 20 लाख रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।
'त्रासदी का घाव गहरा है' - मुख्यमंत्री विजय
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "करूर त्रासदी ने मुझे गहरी मानसिक पीड़ा दी है। मैंने करूर में अपने भाइयों, बहनों और मासूम बच्चों को खोया है। यह घटना मेरे दिल में एक गहरे घाव की तरह है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस त्रासदी की पूरी जिम्मेदारी उन पर डाल दी गई थी, लेकिन वह जनता की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संकल्पित हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और अपनी सरकार की भ्रष्टाचार-मुक्त शासन देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की जयंती पर नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने जैसे चुनावी वादों को पूरा करने का भी आश्वासन दिया। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इनपुट: IANS



