रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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रेजरपे ने पेश किया 'वल्कन' AI: अब डिजिटल पेमेंट में धोखाधड़ी और विफलता होगी कम

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को और ज़्यादा सुरक्षित और असरदार बनाने के लिए फिनटेक कंपनी रेजरपे ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 'रेजरपे वल्कन' नाम से भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारि…

रेजरपे ने पेश किया 'वल्कन' AI: अब डिजिटल पेमेंट में धोखाधड़ी और विफलता होगी कम
(फोटो: IANS)

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को और ज़्यादा सुरक्षित और असरदार बनाने के लिए फिनटेक कंपनी रेजरपे ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 'रेजरपे वल्कन' नाम से भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पेमेंट्स फाउंडेशन मॉडल लॉन्च किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉडल को खास तौर पर भुगतान इकोसिस्टम की जटिलताओं को सुलझाने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि ऑनलाइन लेनदेन में आने वाली रुकावटें कम हों और ग्राहकों का भरोसा बढ़े।

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यह मॉडल एनवीडिया और अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों के सहयोग से तैयार किया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य पेमेंट फेल होने, धोखाधड़ी, ट्रांजैक्शन रूटिंग की गलतियों और चेकआउट के समय आने वाली समस्याओं को कम करना है। कंपनी का कहना है कि यह तकनीक भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी, जो ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को पहले से कहीं अधिक भरोसेमंद बनाएगी।

AI से भुगतान में कितना सुधार हुआ?

रेजरपे का दावा है कि 'वल्कन' के शुरुआती घटकों को लागू करने के बाद पेमेंट की सफलता दर में 10% तक का सुधार देखा गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय कार्ड से होने वाली धोखाधड़ी को पहचानने और रोकने की क्षमता में आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। इस मॉडल ने बिना किसी अतिरिक्त अलर्ट के पांच गुना अधिक संदिग्ध और विवादित लेन-देन की पहचान की है, जिससे सुरक्षा का स्तर और मज़बूत हुआ है।

इस तकनीक के विकास से पहले, कंपनी ने 15 लाख उपभोक्ताओं और 51,000 से अधिक व्यवसायों पर एक आंतरिक अध्ययन किया था। इसमें यह बात सामने आई कि भुगतान से जुड़ी समस्याएं सिर्फ महानगरों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों के लोग भी इसका सामना कर रहे हैं।

क्या कहते हैं कंपनी और उसके सहयोगी?

रेजरपे के सह-संस्थापक और सीईओ हर्षिल माथुर ने कहा, "इस पहल का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं का विश्वास जीतना है जो अभी भी कैश और डिजिटल भुगतान के बीच फंसे हुए हैं।" वहीं, एनवीडिया के एक अधिकारी पहल पटांगिया के मुताबिक, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था पेमेंट सिस्टम को और अधिक स्मार्ट बनाने का एक शानदार अवसर देती है। एडब्ल्यूएस इंडिया के किरण जगन्नाथ ने बताया कि अमेजन सेजमेकर पर बना यह AI मॉडल अरबों ट्रांजैक्शन से लगातार सीखता है, जो पारंपरिक मशीन लर्निंग मॉडल की सीमाओं से कहीं आगे है।

भविष्य की योजनाएं

फिलहाल यह AI मॉडल पेमेंट नेटवर्क पर मौजूद लगभग 3 ट्रिलियन डेटा पॉइंट्स का इस्तेमाल करके रियल-टाइम में सबसे बेहतर ट्रांजैक्शन रूट का चुनाव करता है, जिससे पेमेंट फेल होने की आशंका कम हो जाती है। कंपनी की योजना है कि भविष्य में 'वल्कन' का इस्तेमाल सिर्फ भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे ऑथेंटिकेशन, रिस्क मैनेजमेंट और डिजिटल लेंडिंग जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ाया जाएगा।

इनपुट: IANS

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