एयर इंडिया में ड्रग्स मामला: फुकेत घटना के बाद दो और पायलट शुरुआती टेस्ट में फेल, ड्यूटी से हटाए गए
एयर इंडिया ने अपने पायलटों के लिए शुरू किए गए एक बड़े स्क्रीनिंग प्रोग्राम के तहत दो और पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों पायलट शुरुआती ड्रग टेस्ट…
एयर इंडिया ने अपने पायलटों के लिए शुरू किए गए एक बड़े स्क्रीनिंग प्रोग्राम के तहत दो और पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों पायलट शुरुआती ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। एयरलाइन ने यह कदम फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में हुई एक गंभीर घटना के बाद उठाया था, जिसमें मुख्य पायलट कथित तौर पर ड्रग्स के प्रभाव में थे।
हालांकि, इन दोनों पायलटों के फाइनल ड्रग टेस्ट के नतीजों का अभी इंतजार है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर एहतियातन उन्हें डी-रोस्टर कर दिया गया है, यानी वे फिलहाल विमान नहीं उड़ाएंगे। एयर इंडिया ने 13 अगस्त से एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है, जिसके तहत उसके सभी पायलटों का ड्रग्स के लिए टेस्ट किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रक्रिया के तहत अब तक 300 से ज्यादा पायलटों की जांच की जा चुकी है।
फुकेत-दिल्ली फ्लाइट की घटना क्यों बनी वजह?
एयर इंडिया ने यह अनिवार्य ड्रग टेस्टिंग फुकेत-दिल्ली रूट पर चलने वाले एक एयरबस A320neo विमान से जुड़ी घटना के बाद शुरू की। उस मामले में, विमान के मुख्य पायलट लैंडिंग के बाद हुए दो यूरिन टेस्ट में फेल हो गए थे और उनके शरीर में मारिजुआना के अंश पाए जाने की बात सामने आई थी। केबिन क्रू के एक सदस्य ने पायलट पर मारिजुआना पीने का आरोप लगाते हुए शिकायत भी दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उस उड़ान के दौरान विमान के मुख्य फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम ने अचानक काम करना बंद कर दिया था, जिससे विमान लगभग 300 फीट नीचे आ गया था। शुरुआती जांच में इसे टर्बुलेंस का नतीजा माना गया, लेकिन बाद में विमान के सिस्टम डेटा के विश्लेषण से पता चला कि कई हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गए थे, जिससे विमान के पिच, रोल और उतरने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले एलिवेटर, एलिरॉन और स्पॉइलर प्रभावित हुए थे।
सुरक्षा के लिए सख्त कदम
पायलटों को भेजे गए एक पत्र में एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यह अनिवार्य स्क्रीनिंग सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए की जा रही है। आमतौर पर, ड्रग टेस्ट के फाइनल नतीजों को प्रोसेस होने में 24 से 48 घंटे का समय लगता है। एयरलाइन का यह कदम विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन को रोकने की एक बड़ी पहल का हिस्सा है।
इनपुट: IANS



