शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

बेंगलुरु: सात परिजनों की हत्या, कैब ड्राइवर और उसकी नाबालिग बेटी पर गहराया शक

बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना में एक कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी समेत ससुराल के सात लोगों की हत्या का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस की जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी की नाबालिग बेटी…

बेंगलुरु: सात परिजनों की हत्या, कैब ड्राइवर और उसकी नाबालिग बेटी पर गहराया शक
(फोटो: IANS)

बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना में एक कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी समेत ससुराल के सात लोगों की हत्या का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस की जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी की नाबालिग बेटी की कथित संलिप्तता है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आरोपी इंदुशेखर ने इस जघन्य अपराध में कथित तौर पर अपनी बेटी को कैसे शामिल किया।

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शुक्रवार को पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि जांचकर्ता नाबालिग लड़की से पूछताछ कर रहे हैं। वे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उसे हत्याओं में शामिल होने के लिए कैसे मनाया गया और पीड़ितों को बुलाने में उसकी क्या भूमिका थी। आयुक्त ने इतने गंभीर अपराध में एक नाबालिग की भागीदारी पर चिंता जताते हुए कहा कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

हत्या का मकसद: संपत्ति विवाद या घरेलू कलह?

पुलिस इन हत्याओं के पीछे के असली मकसद को लेकर कई कोणों से जांच कर रही है। एक प्रमुख वजह श्रीरामपुरा में स्थित करीब 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति का विवाद माना जा रहा है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि संपत्ति पीड़ितों के नाम पर थी और आरोपी उस पर कब्जा करने की योजना बना रहा था। रिश्तेदारों के मुताबिक, इंदुशेखर ने किसी बहाने से अपनी सास से छह स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। जब उसकी पत्नी को यह पता चला, तो उसने कागजात वापस ले लिए, जिससे आरोपी नाराज हो गया था।

इसके अलावा, पूछताछ में आरोपी ने यह भी दावा किया है कि उसकी पत्नी उसे अक्सर 'निकम्मा' कहकर ताना मारती थी, जिससे वह मानसिक तनाव में था। पुलिस दोनों ही पहलुओं की जांच कर रही है।

कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?

आरोपी के बयान के मुताबिक, ये हत्याएं 15 से 20 दिनों के भीतर अलग-अलग समय पर की गईं। पुलिस उसके दावों की पुष्टि कर रही है। पुलिस के अनुसार, इंदुशेखर ने सबसे पहले 16 अक्टूबर को अपनी 40 वर्षीय पत्नी सुनीता की हत्या की। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपनी बेटी की मदद से ससुराल के बाकी लोगों को एक-एक करके घर बुलाया और उन्हें भी मार डाला।

पुलिस का कहना है कि नाबालिग लड़की को मामले में दूसरी आरोपी माना जा रहा है और उसने कथित तौर पर सभी हत्याएं अपनी आंखों से देखीं। मृतकों में इंदुशेखर की 65 वर्षीय सास रूपावती, 30 वर्षीय साले शिवकुमार, उनकी पत्नी दिव्या, उनका 7 वर्षीय बेटा पुनीत, 40 वर्षीय दूसरे साले शंकर और उनकी पत्नी नलिनी शामिल हैं। शंकर का 10 वर्षीय बेटा इस घटना में बच गया।

सबूत और जांच की दिशा

आरोप है कि हत्याओं के बाद शवों को बोरियों में भरकर कार से अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिसमें आरोपी कथित तौर पर शवों को गाड़ी में ले जाते दिख रहा है। यह मामला तब खुला जब नलिनी की मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी और लापता परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन एक ही लोकेशन पर थे, जिससे शक गहरा गया और इंदुशेखर से पूछताछ शुरू हुई। पुलिस को चिक्कबल्लापुर के नंदी हिल्स इलाके से एक बच्चे का शव मिला है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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