कर्नाटक: बीजेपी का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, 'शक्ति' योजना ने परिवहन निगमों को कंगाली में धकेला
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी 'शक्ति' योजना पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने…
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी 'शक्ति' योजना पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया है कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की इस योजना ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन निगमों को गहरे वित्तीय संकट में डाल दिया है।
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में अशोक ने कहा कि सरकार ने योजना की लागत का पैसा परिवहन निगमों को नहीं चुकाया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश पर निशाना साधते हुए जवाबदेही की मांग की।
आंकड़ों से हमला
अपने दावों को पुष्ट करने के लिए आर. अशोक ने कुछ आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने बताया कि चारों सरकारी परिवहन निगमों पर कुल 9,723.99 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें केएसआरटीसी पर 2,183.49 करोड़, बीएमटीसी पर 1,068.90 करोड़, केकेआरटीसी पर 1,045.95 करोड़ और एनडब्ल्यूकेआरटीसी पर 1,352.90 करोड़ रुपये की देनदारी शामिल है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मुफ्त यात्रा के बदले सरकार पर निगमों का 5,651.24 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस की शक्ति योजना ने कर्नाटक की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ तोड़ दी है। निगमों को कर्ज के जाल में धकेलने के लिए आप कर्नाटक की जनता और परिवहन कर्मचारियों को क्या जवाब देंगे?"
कर्मचारियों और सुविधाओं पर असर
आर. अशोक के मुताबिक, इस वित्तीय संकट का असर निगमों के日常 कामकाज पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि निगमों के पास न तो डीजल और स्पेयर पार्ट्स खरीदने के पैसे हैं और न ही कर्मचारियों को वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ देने के लिए। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड के 2,658.18 करोड़ रुपये, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 538.18 करोड़ रुपये और डीजल के 1,053.88 करोड़ रुपये का बकाया भी बढ़ रहा है।
सरकार को चेतावनी
परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश की आलोचना करते हुए अशोक ने कहा कि वह संकट सुलझाने की जगह प्रचार में लगे हैं। उन्होंने सरकार से निगमों का 5,651 करोड़ रुपये का बकाया तत्काल जारी करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो भाजपा परिवहन कर्मचारियों के समर्थन में कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।
इनपुट: IANS



