कर्नाटक में गहराया बिजली संकट: भाजपा ने सरकार को 'नाकाम' बताया, कहा - 'मुफ्त अंधेरे' की गारंटी दे रही कांग्रेस
कर्नाटक में बिजली की भारी किल्लत को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर 'नाकामी' और 'अक्षमता' का आरोप लगाया है…
कर्नाटक में बिजली की भारी किल्लत को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर 'नाकामी' और 'अक्षमता' का आरोप लगाया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने शनिवार को कहा कि सरकार की अदूरदर्शिता के कारण आज पूरा प्रदेश अंधेरे में डूब गया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आर. अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज बिजली की बढ़ती मांग का अनुमान लगाने और उसके लिए पर्याप्त व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल रहे। उन्होंने सरकार को 'बिना योजना वाली और अक्षम' बताते हुए कहा कि लगातार हो रही बिजली कटौती से राज्य की जनता परेशान है।
मांग और आपूर्ति में भारी अंतर
भाजपा नेता ने बताया कि राज्य में बिजली की मांग लगभग 20,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। उन्होंने सरकार के केवल 200 मेगावाट बिजली खरीदने के फैसले पर सवाल उठाया। अशोक ने कहा, "जब मांग 20,000 मेगावाट है, तो 200 मेगावाट खरीदकर यह दावा करना कि स्थिति संभाली जा रही है, यह किस तरह का प्रशासन है?" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असम और जिंदल से 100-100 मेगावाट की खरीद को संकट से निपटने के बड़े कदम के तौर पर पेश कर रही है।
कमजोर मानसून पर तैयारी क्यों नहीं?
आर. अशोक ने कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून का जिक्र करते हुए सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "जब मानसून कमजोर होने लगा था, तब क्या सरकार में इतनी भी समझ नहीं थी कि एहतियाती कदम उठाए जाएं?" उन्होंने दावा किया कि सरकार तकनीकी कारण बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है, जबकि सच्चाई उसकी "अक्षमता, निष्क्रियता और गैर-जिम्मेदारी" है। अशोक के अनुसार, पूरे राज्य में, खासकर सुबह और शाम 6.30 बजे के बाद नियमित रूप से बिजली काटी जा रही है।
'मुफ्त बिजली' के वादे पर तंज
कांग्रेस की चुनावी गारंटी पर कटाक्ष करते हुए आर. अशोक ने कहा, "जिन्होंने मुफ्त बिजली का वादा कर गारंटी कार्ड बांटे थे, वे अब कर्नाटक की जनता को 'मुफ्त अंधेरे' की गारंटी दे रहे हैं।" उन्होंने कहा कि इस संकट का असर हर वर्ग पर पड़ रहा है — किसान पानी के लिए परेशान हैं, व्यापारी और उद्योग अपना काम नहीं कर पा रहे हैं और छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो जनता का गुस्सा बढ़ेगा।
इनपुट: IANS



