कर्नाटक: विधानसभा सत्र से पहले मंत्रियों के विभाग बांटने का दबाव, कांग्रेस आलाकमान की बैठक आज
कर्नाटक में नई सरकार के मंत्रियों को अपने विभागों का इंतज़ार है और विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होने वाला है। इस दबाव के बीच, कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व आज मंगलवार को बैठक कर मंत्रियों के…
कर्नाटक में नई सरकार के मंत्रियों को अपने विभागों का इंतज़ार है और विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होने वाला है। इस दबाव के बीच, कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व आज मंगलवार को बैठक कर मंत्रियों के विभागों की अंतिम सूची पर मुहर लगाने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अहम बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पहले ही प्रस्तावित मंत्रालयों की सूची के.सी. वेणुगोपाल को सौंप चुके हैं, जिस पर अब आलाकमान की मंजूरी का इंतज़ार है। सरकार पर सत्र शुरू होने से पहले इस अनिश्चितता को खत्म करने का दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि विपक्ष भी इस देरी को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है।
मंत्रियों ने क्या कहा?
कोप्पल में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री शिवराज तंगदागी ने मंगलवार को भरोसा जताया कि शाम तक विभागों का बंटवारा हो जाएगा। उन्होंने कहा, "इस बात की प्रबल संभावना है कि शाम तक मंत्रालय का आवंटन हो जाएगा। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसका निर्वहन करूंगा।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बी.एस. येदियुरप्पा के कार्यकाल में भी विभागों के आवंटन में देरी हुई थी।
वहीं, जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने भी कोलार में कहा कि विधानसभा सत्र से पहले यह काम पूरा हो जाना चाहिए। पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलों पर उन्होंने कहा, "पार्टी में काफी हद तक असंतुष्टि बरकरार रहेगी। ऐसा मुमकिन नहीं है कि हर जगह समझ और शांति की स्थिति बनी रहे।"
उप-मुख्यमंत्री पद पर भी चर्चा जारी
विभाजन में हो रही देरी का एक कारण उप-मुख्यमंत्री पद का सृजन भी बताया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने बेलगावी में कहा कि इस विषय पर कई बार चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, "पार्टी की ओर से इस संबंध में फैसला लिया जाएगा... जो भी फैसला लिया जाएगा, हम उसे मानेंगे।"
इस बीच, मंत्री एच.सी. बालकृष्ण ने विपक्ष की आलोचना पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, "बीजेपी और जेडी(एस) कांग्रेस की आलोचना करने के लिए ही हैं। अगर सभी मंत्रालय आवंटित नहीं होंगे तो क्या होगा? क्या हम सब कुछ खुद ही प्रबंध नहीं कर रहे हैं?"
इनपुट: IANS



