कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठकें, नए मंत्रियों की सूची जल्द हो सकती है फाइनल
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लगभग सात सप्ताह बाद, अब राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व…
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लगभग सात सप्ताह बाद, अब राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद मंगलवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां पार्टी आलाकमान के साथ बैठकों के बाद नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।
राज्य में 3 जून को सरकार बनने के बाद से ही कैबिनेट का विस्तार रुका हुआ है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में 20 पद खाली हैं, जिसे लेकर विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, डीके शिवकुमार फिलहाल दिल्ली में ही रुकेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों में हिस्सा लेंगे ताकि नए मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा सके।
इस सप्ताह के अंत तक शपथ ग्रहण संभव
पार्टी सूत्रों का मानना है कि बुधवार तक नए मंत्रियों के नामों पर स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी और इस सप्ताह के अंत तक शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया जा सकता है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने भी कहा, "राज्य के नेता दिल्ली गए हैं। सूची को मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल से समय लिया जाएगा और उसके बाद नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।"
युवा और नए चेहरों को मिल सकता है मौका
इस विस्तार में कांग्रेस नेतृत्व कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी मौका देने पर विचार कर रहा है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने संकेत दिया कि पार्टी हमेशा नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर जोर देती रही है और इस बार भी यही नीति अपनाई जा सकती है।
मंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। प्रमुख दावेदारों में टीबी जयचंद्र, एचसी बालकृष्ण, शिवलिंगे गौड़ा, एन. चेलुवरायस्वामी और युवा नेता शरत बच्छे गौड़ा शामिल हैं। इसके अलावा अशोक पटन, लक्ष्मण सावदी, बसवराज रायारेड्डी और लक्ष्मी हेब्बालकर जैसे नाम भी दौड़ में हैं। अल्पसंख्यक समुदाय से रिजवान अरशद, जमीर अहमद खान और तनवीर सैत समेत तीन नेताओं को जगह मिलने की संभावना है। वहीं, महिला नेताओं में आरती कृष्णा, कनीज फातिमा, उमाश्री और युवा चेहरा नयना मोटम्मा के नामों पर विचार हो रहा है।
इसके साथ ही दिनेश गुंडू राव, आर.वी. देशपांडे और एचके पाटिल जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष जैसा संवैधानिक पद भी शामिल हो सकता है।
इनपुट: IANS



