कावेरी जल विवाद: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार तमिलनाडु से सीधी बातचीत के लिए तैयार
दशकों से चले आ रहे कावेरी नदी जल बंटवारे के विवाद पर कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु के साथ सीधी बातचीत की इच्छा जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार…
दशकों से चले आ रहे कावेरी नदी जल बंटवारे के विवाद पर कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु के साथ सीधी बातचीत की इच्छा जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि वह इस जटिल मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से चर्चा करने के लिए तैयार हैं। यह पहल दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच लंबे समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कावेरी से जुड़े सभी मामलों पर सभी हितधारकों से चर्चा करना चाहती है। उन्होंने कहा, "मैं इस समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पत्र की सामग्री को सार्वजनिक नहीं करना चाहता। इस सप्ताह हम मंत्रिमंडल विस्तार और अन्य मामलों में व्यस्त रहे हैं। कुछ मुद्दों पर हम सभी से बात करने, सभी के साथ जानकारी साझा करने और सभी के साथ काम करने को तैयार हैं।"
संभावित मुलाकात और मेकेदातु परियोजना
अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर है कि दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच बातचीत की तैयारियां चल रही हैं। यदि यह मुलाकात होती है, तो इसमें विवादास्पद मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दशकों में यह एक दुर्लभ अवसर होगा जब दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री कावेरी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सीधी बातचीत के लिए एक साथ बैठेंगे।
सूत्रों का दावा है कि बैठक का अनुरोध तमिलनाडु सरकार की ओर से किया गया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने 3 अगस्त को बेंगलुरु में वार्ता के लिए निमंत्रण दिया है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने यह निमंत्रण स्वीकार किया है या नहीं।
तमिलनाडु का पारंपरिक रुख
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके की सरकारें कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक के साथ सीधी बातचीत से इनकार करती रही हैं। उनका आधिकारिक रुख यही रहा है कि कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (Cauvery Water Disputes Tribunal) और सर्वोच्च न्यायालय पहले ही इस विवाद को सुलझा चुके हैं।
NEET मुद्दे पर केंद्र के कदम का स्वागत
कावेरी विवाद के अलावा, डी.के. शिवकुमार ने NEET परीक्षा को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के केंद्र सरकार के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, "यह उत्साहजनक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने एक महीने बाद आखिरकार शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए आगे कदम बढ़ाया है। पूरा देश अब इस मुद्दे को लेकर जागरूक हो गया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्नाटक सरकार राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इनपुट: IANS



