कर्नाटक में सूखे का संकट: मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बुलाई सांसदों की बैठक, 13 अगस्त से विधानसभा सत्र
कर्नाटक गंभीर सूखे की चुनौती से जूझ रहा है और राज्य सरकार केंद्र से मदद के लिए प्रयास तेज कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 27 जुलाई को दिल्ली में कर्नाटक के सभी सांसदों की एक…
कर्नाटक गंभीर सूखे की चुनौती से जूझ रहा है और राज्य सरकार केंद्र से मदद के लिए प्रयास तेज कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 27 जुलाई को दिल्ली में कर्नाटक के सभी सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सूखे की गंभीर स्थिति पर चर्चा करना और केंद्र सरकार से राहत पैकेज हासिल करने के उपायों पर विचार-विमर्श करना है।
यह बैठक सोमवार शाम 6.30 बजे नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन-1 (कावेरी) में होनी है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक पत्र में, शिवकुमार ने सभी सांसदों और विधायकों से राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इसमें शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुश्किल घड़ी में राज्य का सहयोग करेगी।
विधानसभा सत्र और विपक्ष की तैयारी
राज्य में सूखे की स्थिति और अन्य विकास कार्यों पर चर्चा के लिए कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होगा। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने रविवार को बेंगलुरु में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बैठक में रुके हुए प्रोजेक्ट्स और अन्य जरूरी मुद्दों को भी केंद्र के सामने उठाया जाएगा, जिसमें कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे।
वहीं, विपक्षी दल भाजपा और जेडी(एस) ने भी सत्र के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा है कि दोनों पार्टियां मिलकर जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएंगी और राज्य के लोगों को प्रभावित करने वाले मामलों पर सत्ताधारी कांग्रेस सरकार से जवाबदेही की मांग करेंगी।
किसानों और नागरिकों को राहत देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने 25 जुलाई को जनप्रतिनिधियों को लिखे पत्र में कहा था कि कई निर्वाचित प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से सूखे का मामला केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार कम बारिश से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए कदम उठा रही है और प्रभावित किसानों व नागरिकों को समय पर मदद सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक प्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता है।
इनपुट: IANS



