शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: 11 पिछड़े जिलों में 1 लाख नौकरियों का लक्ष्य, 'उद्योग निधि' योजना को कैबिनेट की मंज़ूरी

कर्नाटक में क्षेत्रीय असमानता को कम करने और पिछड़े इलाकों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दिखाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

कर्नाटक: 11 पिछड़े जिलों में 1 लाख नौकरियों का लक्ष्य, 'उद्योग निधि' योजना को कैबिनेट की मंज़ूरी
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में क्षेत्रीय असमानता को कम करने और पिछड़े इलाकों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दिखाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक कैबिनेट ने 'उद्योग निधि' योजना को मंज़ूरी दे दी है, जिसका सीधा उद्देश्य 11 पिछड़े जिलों में एक लाख नए रोज़गार पैदा करना है।

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राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मकसद उद्योगों और नौकरियों को सिर्फ बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय राज्य के हर हिस्से में निवेश और अवसर पहुंचाना है। उन्होंने कहा, "विकास सिर्फ बेंगलुरु या कुछ शहरों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। निवेश और रोजगार के मौके राज्य के हर हिस्से तक पहुँचने चाहिए।"

रोज़गार देने पर मिलेगा इंसेंटिव

इस योजना के तहत, सरकार उन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और औद्योगिक इकाइयों को सीधे तौर पर वित्तीय प्रोत्साहन देगी जो अतिरिक्त नौकरियां पैदा करते हैं। पात्र इकाइयों को हर अतिरिक्त कर्मचारी पर 2,500 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा, जो अधिकतम 24 महीनों के लिए देय होगा। मंत्री प्रियांक खड़गे के अनुसार, सरकार इस स्कीम के लिए सालाना 305 करोड़ रुपये का अनुदान देगी।

उन्होंने स्पष्ट किया, "इंसेंटिव तभी जारी किया जाएगा, जब नई भर्ती और कर्मचारियों को सैलरी के भुगतान की पुष्टि हो जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मदद सिर्फ उन्हीं उद्योगों तक पहुंचे जो असल में नई नौकरियां पैदा करते हैं और उन्हें बनाए रखते हैं।"

किन जिलों को मिलेगा लाभ?

यह योजना विशेष रूप से राज्य के 11 पिछड़े जिलों पर केंद्रित है, जिनमें कलबुर्गी, बीदर, रायचूर, यादगीर और बागलकोट जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका लक्ष्य इन क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को प्रोत्साहित करना है। प्रियांक खड़गे ने कहा, "हमारे युवाओं को नौकरी के लिए अपने गृहनगर और जिले छोड़ने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। हमारी सरकार का लक्ष्य उनके अपने इलाकों में नौकरी के अच्छे अवसर पैदा करना और उन्हें वहीं अपना भविष्य बनाने में सक्षम बनाना है।"

मंत्री ने यह भी बताया कि 'उद्योग निधि' को सरकार की 'युवा निधि' योजना के साथ मिलकर लागू किया जाएगा, ताकि युवाओं के कौशल विकास और उद्योगों में रोज़गार सृजन के बीच एक तालमेल बन सके।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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