कर्नाटक: बिजली संकट और 'ब्रांड बेंगलुरु' पर विपक्ष का हमला, कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप
कर्नाटक में विपक्ष ने राज्य में जारी बिजली संकट को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आरोप लगाया कि…
कर्नाटक में विपक्ष ने राज्य में जारी बिजली संकट को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामी के कारण राज्य "रोशनी से अंधेरे" की ओर बढ़ रहा है।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की 100 दिनों की एकमात्र उपलब्धि राज्य को अंधेरे में धकेलना रही है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के 'गारंटी' प्रचार पर तंज कसते हुए कहा कि जनता को तोहफे में 'अंधेरा कर्नाटक' मिल रहा है।
किसानों और आम लोगों पर असर
विपक्ष का आरोप है कि सरकार बारिश की कमी का बहाना बनाकर शहरों में रोजाना 2 से 3 घंटे की अघोषित बिजली कटौती कर रही है। आर. अशोक के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहाँ 5-6 घंटे की कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि बिजली न होने से किसानों के पंप सेट काम नहीं कर रहे हैं और उनकी फसलें आंखों के सामने सूख रही हैं।
इसके अलावा, शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे के बीच, जब बिजली की मांग चरम पर होती है, 30-40 प्रतिशत कटौती की जा रही है। इससे गृहिणियों, व्यापारियों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार की मंशा पर सवाल
अशोक ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल किया, "क्या आप राज्य में मौजूद बिजली इकाइयों से पूरी बिजली पैदा करने के बजाय, कमीशन के लिए दूसरे राज्यों से महंगी बिजली खरीदने की तैयारी कर रहे हैं?" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाना लूटा है और ऊर्जा विभाग को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली की कमी को तुरंत दूर नहीं किया गया तो जनता कांग्रेस पार्टी को "हमेशा के लिए लोड शेडिंग" का सबक सिखाएगी।
'ब्रांड बेंगलुरु' अभियान पर भी निशाना
बिजली संकट के अलावा, आर. अशोक ने सार्वजनिक शौचालयों की बदहाली को लेकर भी सरकार की आलोचना की और 'ब्रांड बेंगलुरु' अभियान की हकीकत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सार्वजनिक शौचालयों के लिए फिनाइल और ब्लीचिंग पाउडर खरीदने के पैसे नहीं हैं! क्या यही आपका 'ब्रांड बेंगलुरु' है?"
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों, मेट्रो और बस स्टेशनों के पास शौचालयों के दरवाजे और कमोड टूटे हुए हैं और सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अशोक ने कहा कि शौचालयों की देखरेख करने वाले गरीब कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करे और मजदूरों का बकाया भुगतान करे। ऊर्जा विभाग या कांग्रेस सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इनपुट: IANS



