सोमवार, 10 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु के विरोध के खिलाफ 13 अगस्त को बंद का ऐलान, पर कन्नड़ संगठनों में ही मतभेद

कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु पेयजल परियोजना को लेकर राज्य का तमिलनाडु के साथ विवाद गहराता जा रहा है। इसी क्रम में कई कन्नड़ संगठनों ने तमिलनाडु के विरोध के खिलाफ 13 अगस्त को 'कर्नाटक बंद' का आह्वान…

कर्नाटक: मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु के विरोध के खिलाफ 13 अगस्त को बंद का ऐलान, पर कन्नड़ संगठनों में ही मतभेद
(फोटो: IANS)

कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु पेयजल परियोजना को लेकर राज्य का तमिलनाडु के साथ विवाद गहराता जा रहा है। इसी क्रम में कई कन्नड़ संगठनों ने तमिलनाडु के विरोध के खिलाफ 13 अगस्त को 'कर्नाटक बंद' का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कन्नड़ कार्यकर्ता वताल नागराज ने बेंगलुरु के लोगों से इस बंद में सक्रिय रूप से भाग लेने और परियोजना के समर्थन में सड़कों पर उतरने की अपील की है।

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मांड्या में हुई एक बैठक में विभिन्न कन्नड़ संगठनों ने बंद को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया। वहीं, सोमवार को अनेकल के पास होसुर हाईवे को प्रदर्शनकारियों ने जाम भी कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हालांकि, इस बंद के आह्वान पर सभी कन्नड़ संगठन एकमत नहीं हैं, जिससे इसके असर को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

बंद का आह्वान और तर्क

सोमवार को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए, वताल नागराज ने बंद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हम मेकेदातु परियोजना के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू कर रहे हैं। तमिलनाडु ने यह कहते हुए विरोध शुरू किया है कि मेकेदातु परियोजना लागू नहीं होनी चाहिए। लेकिन वे यह नहीं बता रहे हैं कि परियोजना के कारण उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।"

नागराज ने चेतावनी दी कि यदि यह परियोजना साकार नहीं हुई तो बेंगलुरु को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "अगर मेकेदातु प्रोजेक्ट लागू नहीं हुआ, तो बेंगलुरु के लिए पानी नहीं बचेगा। तब आप कहां जाएंगे? हम बेंगलुरु के लोगों के लिए विरोध कर रहे हैं।" उन्होंने भाषा या क्षेत्र की परवाह किए बिना सभी से बंद में शामिल होने की अपील करते हुए पूछा, "क्या बेंगलुरु में रहने वाले तमिल लोग पानी नहीं पिएंगे?"

बंद पर संगठनों में फूट

इस बंद के आह्वान को लेकर कन्नड़ समर्थक संगठनों के बीच आम सहमति का अभाव है। कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टीआर नारायण गौड़ा ने कहा है कि उनका संगठन बंद करने के बजाय नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगा। एक अन्य प्रमुख कन्नड़ कार्यकर्ता, सा. रा. गोविंदु और केआरवी नेता प्रवीण कुमार शेट्टी ने भी बंद का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है।

इसके अलावा, ओला और उबर कैब एग्रीगेटर्स ओनर्स एंड ड्राइवर्स एसोसिएशन ने भी संकेत दिया है कि वे बंद का समर्थन करने के इच्छुक नहीं हैं। वहीं, कावेरी हितरक्षण वेदिका की बैठक होनी बाकी है, जिसके बाद वे इस पर अपने रुख की घोषणा करेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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