JPSC विवाद: BJP सांसद का आरोप- 'बड़ी मछली' को बचाने के लिए हुई पूर्व चेयरमैन की गिरफ़्तारी, CBI जांच की मांग तेज़
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े विवाद में पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते की गिरफ़्तारी के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद विष्णु दयाल राम ने राज्य सरकार पर…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े विवाद में पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते की गिरफ़्तारी के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद विष्णु दयाल राम ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह कार्रवाई किसी 'बड़ी मछली' को बचाने के लिए की गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने छात्रों की मांग का समर्थन करते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने पर ज़ोर दिया है।
सांसद राम ने सवाल उठाया कि जब छात्र लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह इतने बड़े आंदोलन के बावजूद इसे स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, "अगर सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना चाहती है, तो उसे छात्रों की मांग पर विचार करना चाहिए।" उनके मुताबिक, जांच सीबीआई को न सौंपना "दाल में कुछ काला होने का संकेत देता है।"
छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
रांची में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज की भी विष्णु दयाल राम ने निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पहले ही आंदोलन के शांतिपूर्ण रहने की घोषणा कर दी थी, इसके बावजूद प्रदर्शन स्थल पर बैरिकेड और कंटीले तार लगाए गए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, "इस तरह के तारों का इस्तेमाल आमतौर पर भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे संवेदनशील इलाकों में देखा जाता है।" उन्होंने पूछा कि अपने ही राज्य के छात्रों को रोकने के लिए ऐसे उपायों का इस्तेमाल कहाँ तक उचित है।
क्यों जारी है छात्रों का आंदोलन?
राज्य सरकार द्वारा कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई करने और राज्यपाल द्वारा तीन इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद भी छात्रों के आंदोलन जारी रखने पर सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को लगता है कि अब तक की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष और गहरी जांच चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें सीबीआई पर भरोसा है।
इस बीच, सांसद ने कई अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। FCRA विधेयक पर कांग्रेस द्वारा अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी करने को उन्होंने पार्टी का आंतरिक मामला बताया। वहीं, पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कार पर हुए हमले को उन्होंने जनता में व्याप्त आक्रोश का परिणाम बताया।
इनपुट: IANS



