जॉर्डन की वायुसेना ने दो ड्रोन मार गिराए, देश पर हमले की कोशिश नाकाम
जॉर्डन के सशस्त्र बलों (JAF) ने सोमवार सुबह देश के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में किसी भी तरह…
जॉर्डन के सशस्त्र बलों (JAF) ने सोमवार सुबह देश के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। रॉयल जॉर्डनियन एयर फोर्स ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
सेना ने एक बयान में बताया कि ड्रोन का मलबा जिन इलाकों में गिरा, वहाँ रॉयल इंजीनियरिंग कॉर्प्स की टीमों को भेजा गया। इन टीमों ने तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मलबे को सुरक्षित तरीके से हटा दिया। JAF ने जोर देकर कहा कि वे जॉर्डन के हवाई क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहे हैं और देश व नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान के हालिया दावे
यह घटना ईरान द्वारा जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने के दावों की पृष्ठभूमि में हुई है। शुक्रवार को, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर एक 'जोरदार' हमला किया था। ईरान ने इस हमले में कई अमेरिकी लड़ाकू विमानों को भारी नुकसान पहुँचाने और कुछ अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया था।
गुरुवार को भी ईरान ने दावा किया कि उसने अपनी जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाया था, जिससे सैन्यकर्मियों को नुकसान पहुँचा। ईरानी सेना के मुताबिक, इन हमलों में जॉर्डन स्थित टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) एंटी-मिसाइल सिस्टम, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और सी-रैम रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया।
कूटनीतिक स्तर पर बातचीत
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा है कि अमेरिका मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। ऑस्ट्रियाई प्रसारक ओआरएफ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि किसी भी बातचीत की शुरुआत के लिए 'सही माहौल' बनाना जरूरी है, और आरोप लगाया कि अमेरिका ने इस माहौल को खराब किया है। बघेई ने वाशिंगटन पर ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) की सभी शर्तों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया।
इनपुट: IANS



