जम्मू-श्रीनगर हाइवे बंद, अमरनाथ समेत 3 प्रमुख यात्राएं लगातार छठे दिन भी रुकीं
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भूस्खलन की वजह से पैदा हुए हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को लगातार छठे दिन श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी…
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भूस्खलन की वजह से पैदा हुए हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को लगातार छठे दिन श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा समेत सभी प्रमुख धार्मिक यात्राएं स्थगित रहीं। इसके साथ ही, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी लगातार दूसरे दिन यातायात के लिए बंद है।
लगातार हो रही बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है और रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रास्ता साफ करने का काम जारी है, लेकिन अभी तक इसे यातायात के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा से बचें और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल से ही सड़क की स्थिति की आधिकारिक जानकारी लें।
सड़क बंद, रेलवे ने चलाया सहारा
राजमार्ग बंद होने से घाटी में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए नॉर्दर्न रेलवे ने एक विशेष ट्रेन चलाई। अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन गुरुवार शाम 5.10 बजे श्रीनगर से रवाना हुई और रात 8.15 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंची, जिससे 600 पर्यटकों को घाटी से बाहर निकाला गया। सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल के निर्देश पर यह कदम उठाया गया।
सिंघल ने कहा, "यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क यातायात की धीमी गति को देखते हुए डिवीजन ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।" रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले एनटीईएस ऐप या 139 हेल्पलाइन से ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
धार्मिक यात्राओं पर मौसम का असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी चेतावनी के बाद सभी बड़ी धार्मिक यात्राओं को रोक दिया गया है। खराब मौसम, भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने मौसम और रास्ते ठीक होने तक यात्राएं स्थगित रखने का फैसला किया है। इस दौरान विभिन्न बेस कैंपों में फंसे श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन (लंगर) और रहने की व्यवस्था की गई है।
इनपुट: IANS



