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अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास: सड़कों से लेकर पर्यटन तक, आंकड़ों में देखें बदलाव

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल बाद इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। समाचार एजेंसी IANS ने आधिकारिक आंकड़ों का…

अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास: सड़कों से लेकर पर्यटन तक, आंकड़ों में देखें बदलाव
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल बाद इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। समाचार एजेंसी IANS ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि इस अवधि में केंद्र शासित प्रदेश ने विकास के कई नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे यह क्षेत्र भारत की आर्थिक और संस्थागत मुख्यधारा के अधिक निकट आ गया है।

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समाचार पोर्टल 'डेली मिरर ऑनलाइन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन बदलावों को ठोस परिणामों और आंकड़ों में मापा जा सकता है। यह रिपोर्ट बताती है कि 2019 के बाद से इस क्षेत्र को अलगाव और सुरक्षा संबंधी बाधाओं से निकालकर संरचनात्मक एकीकरण की प्रक्रिया से जोड़ा गया है।

बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार

आंकड़ों के मुताबिक, 2019 के बाद सड़कों और पुलों के निर्माण में काफी तेजी आई है। इस दौरान 4,550 करोड़ रुपए से अधिक की 1,057 सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें से 290 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है और 338 पर काम जारी है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 21,400 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ, जिससे हजारों ग्रामीण बस्तियों को जोड़ा गया है। रेल संपर्क में भी एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ, जब 272 किलोमीटर लंबा उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक 2025 में पूरा हुआ। वहीं, अप्रैल 2026 में जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा शुरू होने से यात्रा का समय घटकर पांच घंटे से भी कम हो गया।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

आर्थिक मोर्चे पर भी जम्मू-कश्मीर ने बड़ी प्रगति की है। 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर के लिए निवेश प्रस्ताव 1.63 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएंगे, जिसमें 5.90 लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने की क्षमता है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2019 से अब तक 9,606.46 करोड़ रुपए के निवेश से 1,984 औद्योगिक इकाइयां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जिससे 63,710 नौकरियां सृजित हुई हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा सुधार

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। 2019 के बाद सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले गए, जिससे एमबीबीएस की लगभग 800 सीटें बढ़ीं और कुल क्षमता 1,300 हो गई। जम्मू में एम्स का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि कश्मीर में एम्स का कार्यान्वयन प्रगति पर है। इसके साथ ही, व्यावसायिक शिक्षा क्षमता और संस्थागत उपस्थिति में भी व्यापक विस्तार हुआ है।

पर्यटन में रिकॉर्ड वृद्धि

इस क्षेत्र में पर्यटन ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। जम्मू-कश्मीर में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में नाटकीय रूप से सुधार हुआ है। 2020 में जहां कुल 25.19 लाख पर्यटक आए थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.35 करोड़ हो गया। इसी तरह, विदेशी पर्यटकों की संख्या भी 2020 के 5,317 से बढ़कर 2024 में 65,452 हो गई। इस वृद्धि ने होटलों, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं जैसे क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण मदद की है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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