शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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रामायपट्टनम पोर्ट निजीकरण: जगन रेड्डी ने नायडू सरकार पर घोटाले और राज्य को नुकसान पहुँचाने का लगाया आरोप

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी सरकार पर रामायपट्टनम बंदरगाह के निजीकरण में एक बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि…

रामायपट्टनम पोर्ट निजीकरण: जगन रेड्डी ने नायडू सरकार पर घोटाले और राज्य को नुकसान पहुँचाने का लगाया आरोप
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी सरकार पर रामायपट्टनम बंदरगाह के निजीकरण में एक बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम पार्टी के शीर्ष नेताओं को फायदा पहुँचाने और राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुँचाने के लिए उठाया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जगन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी चिंता व्यक्त की।

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वाईएसआरसीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 4,929 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे बंदरगाह को महज़ 1,500 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि पर निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस सौदे के बाद भी राज्य सरकार पर 3,500 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का बोझ क्यों बना रहेगा। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को संबोधित करते हुए उन्होंने पूछा, "यह कैसी अर्थव्यवस्था है?"

राज्य की आर्थिक प्रगति पर असर

जगन रेड्डी ने ज़ोर देकर कहा कि बंदरगाह आधारित विकास राज्य की आर्थिक प्रगति की कुंजी है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने रामायपट्टनम, मछलीपट्टनम और मुलापेटा बंदरगाहों के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की थी। उनके अनुसार, जून 2024 से पहले ही भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरियां और ईपीसी अनुबंध जैसी सभी ज़रूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने रामायपट्टनम पोर्ट से जुड़ी कई बड़ी औद्योगिक निवेश योजनाओं का भी ज़िक्र किया, जो राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  • बीपीसीएल (BPCL): कंपनी यहाँ एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स स्थापित करने जा रही है, जिसके लिए बंदरगाह की गहरे पानी की क्षमता ज़रूरी है।
  • इंडोसोल सोलर (Indosol Solar): यह कंपनी एक एकीकृत "क्वार्ट्ज-टू-मॉड्यूल" विनिर्माण संयंत्र लगा रही है, जिसे कच्चे माल के आयात और तैयार उत्पादों के निर्यात के लिए बंदरगाह की ज़रूरत होगी।
  • जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel): यह समूह वाईएसआर कडप्पा जिले में अपने इस्पात संयंत्र के लिए कच्चे माल की ढुलाई हेतु बंदरगाह पर दो बर्थ विकसित कर रहा है।

जगन रेड्डी ने दावा किया कि इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होता और राज्य का राजस्व भी बढ़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि इन आर्थिक लाभों को नज़रअंदाज़ कर टीडीपी सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ अपने नेताओं के लिए धन जुटाने पर केंद्रित है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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