शांति और सुरक्षा समझौते के लिए इजरायल-लेबनान रोम में मिलेंगे, अमेरिका कर रहा मध्यस्थता
इजरायल और लेबनान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम बैठक होने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों के तकनीकी प्रतिनिधिमंडल 4 से 6 अगस्त के बीच रोम में…
इजरायल और लेबनान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम बैठक होने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों के तकनीकी प्रतिनिधिमंडल 4 से 6 अगस्त के बीच रोम में मुलाकात करेंगे, जिसकी मध्यस्थता अमेरिका कर रहा है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते के लिए एक ठोस ढांचा तैयार करना है।
यह बैठक उस फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर केंद्रित होगी, जिस पर दोनों देशों ने पिछले महीने ही हस्ताक्षर किए थे। जून में वाशिंगटन में हुई पिछली बैठक के बाद यह बातचीत का अगला दौर है। अमेरिकी राज्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में पहले 'पायलट जोन' के सफल लॉन्च और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लेबनान के राष्ट्रपति औन की हालिया सकारात्मक बैठक के बाद इन वार्ताओं में तेजी आई है।
क्या है पायलट जोन का मकसद?
'पायलट जोन' की अवधारणा दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सरकार के अधिकार को फिर से स्थापित करने के लिए बनाई गई है। इसका एक प्रमुख लक्ष्य इस क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के हथियारों को सत्यापन योग्य तरीके से खत्म करना है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, "पहला पायलट जोन जमीन पर वास्तविक प्रगति करने, आतंकवादी संगठनों के हथियार खत्म करके लेबनानी सरकार की अथॉरिटी को फिर से स्थापित करने और अगले कदमों के लिए जरूरी भरोसा बनाने का एक ठोस मौका है।"
पिछले हफ्ते ही इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने दक्षिणी लेबनान के एक पायलट जोन से अपनी पहली वापसी की थी। हालांकि, बेरूत ने येरुशलम पर आरोप लगाया है कि वह वहां लेबनानी सशस्त्र बलों के काम में बाधा डाल रहा है। इसके बावजूद, अमेरिकी राज्य विभाग का कहना है कि सत्ता का हस्तांतरण सफलतापूर्वक हो रहा है और इस पहले जोन के अनुभव से भविष्य में प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बातचीत की पृष्ठभूमि और आगे की राह
3 जून को वाशिंगटन में अमेरिका द्वारा आयोजित त्रिपक्षीय बैठक के बाद रोम में यह वार्ता हो रही है। उस बैठक में अमेरिका में इजरायली राजदूत येचिएल लीटर, अमेरिकी राज्य विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ डेनियल हॉलर, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा और अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमादेह शामिल हुए थे। वाशिंगटन इस त्रिपक्षीय ढांचे को दोनों देशों के बीच स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता मानता है। एक अधिकारी ने कहा, "ट्रंप सरकार इसकी सफलता के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि यह दोनों देशों के स्पष्ट हित में है।"
यह वार्ता एक ऐसे समय में हो रही है जब इजरायल अक्टूबर में नेसेट (संसद) चुनावों की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर चिंताएं भी हैं कि आगामी चुनाव इजरायली सेना की वापसी को और जटिल बना सकते हैं, जबकि लेबनान अपने दक्षिणी क्षेत्र में अपनी सेना के लिए अधिक परिचालन नियंत्रण चाहता है।
इनपुट: IANS



