ईरान का दावा: अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, US बोला- सब नाकाम कर दिए
ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयर बेस और अमेरिकी सेना…
ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयर बेस और अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) मुख्यालय को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने इस कार्रवाई को ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों का जवाब बताया है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा जारी बयान में IRGC ने कहा कि जब तक अमेरिका की ओर से 'धमकियां, गैरकानूनी और दुश्मनी भरे कदम' जारी रहेंगे, तब तक उसका विरोध भी जारी रहेगा।
अमेरिकी सेना ने दावे को किया खारिज
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने ईरान के इस हमले को अपनी सेना पर एक 'अचानक' की गई कोशिश बताया और कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही सफलतापूर्वक रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी पुष्टि की।
सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, "शाम 5:45 बजे (ईटी) इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर अचानक हमला करने की कोशिश थी।" बयान में आगे कहा गया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
यह हाल के दिनों में इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 24 जुलाई को भी IRGC ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले करने का दावा किया था।
उस समय IRGC ने दावा किया था कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के एक बड़े गोला-बारूद डिपो को कामिकाजे ड्रोन से नष्ट कर दिया था। इसके अलावा बहरीन में एक अमेरिकी कंपनी के डेटा सेंटर, कुवैत में तीन अन्य गोला-बारूद डिपो और बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय के एक वॉच टावर को भी निशाना बनाने का दावा किया गया था।
इनपुट: IANS



