अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा से पहले ईरानी रियाल ऐतिहासिक निचले स्तर पर, 1 डॉलर की कीमत 20 लाख के पार
ईरान की मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। यह बड़ी गिरावट सोमवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा से ठीक पहले दर्ज की गई। समाचार…
ईरान की मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। यह बड़ी गिरावट सोमवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा से ठीक पहले दर्ज की गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को स्थानीय समयानुसार बाज़ार खुलने पर खुले बाज़ार में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 2.02 मिलियन (लगभग 20 लाख) रियाल तक पहुंच गई, जबकि ईरान के केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित आधिकारिक दर करीब 1.5 मिलियन रियाल थी।
ईरानी मुद्रा पर यह दबाव पिछले लगभग छह महीनों से बना हुआ है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हमलों के बाद हुई थी। इस संघर्ष ने देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाला है, जिससे रियाल लगातार कमज़ोर हो रहा है।
नए अमेरिकी प्रतिबंध और ईरान की प्रतिक्रिया
सोमवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के लिए 'आर्थिक डी-डे' की चेतावनी देते हुए नए प्रतिबंधों का ऐलान किया। उन्होंने इन कदमों को 'ईरान के खिलाफ आर्थिक हमला' करार दिया, जो दुनिया भर में ईरान के वित्तीय संबंधों को लक्षित करेगा। ट्रेजरी डिपार्टमेंट के मुताबिक, ये नए प्रतिबंध पांच प्रमुख क्षेत्रों को निशाना बनाएंगे: डिजिटल संपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन और शिपिंग।
इन प्रतिबंधों के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका से अपना रवैया और नीति बदलने का आग्रह किया है। सोमवार को तेहरान में उन्होंने कहा, "अमेरिका का दबाव और धमकाने वाली रणनीति पर भरोसा केवल मामलों को और जटिल बनाएगा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए, जो ईरान के वैध अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लक्ष्यों को निरंतर सहयोग से हासिल किया जा सकता है।
'हमलावर पक्षों' की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं होगा
इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने तेहरान में एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "हमने निश्चित रूप से युद्ध की शुरुआत नहीं की है, लेकिन हम यह भी नहीं होने देंगे कि युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर हो।" बाघेई ने कहा कि ईरान अपनी सीमाओं और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह न तो 'आक्रामक पक्षों' से समझौता करेगा और न ही उनकी 'अत्यधिक मांगों' के आगे झुकेगा। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के खुले होने और वहां से लाखों बैरल तेल गुजरने के अमेरिकी दावों को भी खारिज कर दिया।
इनपुट: IANS



