दक्षिण कोरिया: पुलिस को मिलेंगे अभूतपूर्व अधिकार, राष्ट्रपति ने दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत निगरानी पर दिया जोर
दक्षिण कोरिया की पुलिस जल्द ही देश की सबसे शक्तिशाली सरकारी एजेंसी बनने जा रही है, क्योंकि जांच के अधिकार अभियोजन पक्ष से उसके पास हस्तांतरित हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस…
दक्षिण कोरिया की पुलिस जल्द ही देश की सबसे शक्तिशाली सरकारी एजेंसी बनने जा रही है, क्योंकि जांच के अधिकार अभियोजन पक्ष से उसके पास हस्तांतरित हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस बड़े बदलाव के बीच राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मंगलवार को पुलिस की बढ़ती शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक मजबूत निगरानी और जवाबदेही प्रणाली की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है।
एक सरकारी बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ली ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया कानून में हालिया संशोधनों के बाद पुलिस के अधिकार काफी बढ़ जाएँगे। उन्होंने कहा, “आने वाले समय में पुलिस के पास सरकार की किसी भी अन्य एजेंसी की तुलना में सबसे अधिक शक्ति हो सकती है, इसलिए इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था जरूरी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण किसी भी संस्था में समस्याएँ पैदा कर सकता है।
पुलिस सुधार और जवाबदेही
इस संदर्भ में राष्ट्रपति ली ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक विशेष सरकारी निकाय के गठन की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। यह निकाय जनता की राय लेकर पुलिस सुधारों की जिम्मेदारी संभालेगा। उनका मानना है कि पुलिस को मिले व्यापक अधिकारों के साथ-साथ उसके कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लापरवाही और कानूनी बदलावों पर जोर
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जेजू द्वीप पर एक महिला के लापता होने के मामले में पुलिस की कथित लापरवाही का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला की स्थिति की पूरी तरह से पुष्टि किए बिना ही मामले को बंद कर दिया गया था। उन्होंने इस घटना को पुलिस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता से जोड़ते हुए अधिकारियों से जिम्मेदारी तय करने को कहा। इसके अलावा, राष्ट्रपति ली ने गंभीर अपराधों के लिए आपराधिक जिम्मेदारी की न्यूनतम आयु 14 वर्ष से घटाकर 13 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया।
इनपुट: IANS



