जहाज जब्ती मामला: अमेरिका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत जाएगा ईरान, इसे 'युद्ध अपराध' बताया
ईरान ने घोषणा की है कि वह अपने एक कंटेनर जहाज पर अमेरिकी हमले और उसे जब्त किए जाने के मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालतों में उठाएगा। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइंस (आईआरआईएसएल) के प्रमुख ने इस…
ईरान ने घोषणा की है कि वह अपने एक कंटेनर जहाज पर अमेरिकी हमले और उसे जब्त किए जाने के मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालतों में उठाएगा। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइंस (आईआरआईएसएल) के प्रमुख ने इस कार्रवाई को 'युद्ध अपराध' करार दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तेहरान और वाशिंगटन के बीच युद्धविराम के दौरान हुई थी।
आईआरआईएसएल के सीईओ मोहम्मद-रजा मोदर्रेस खियाबानी ने तेहरान में एक बैठक के दौरान बताया कि अमेरिकी बलों ने 19 अप्रैल को ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह के पास ईरानी ध्वज वाले जहाज 'तूस्का' पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने जोर देकर कहा, "युद्धविराम के दौरान किसी वाणिज्यिक जहाज पर हमला करना युद्ध अपराध और युद्धविराम का उल्लंघन है।"
घटना का विवरण और आरोप
खियाबानी के अनुसार, जब्त किए गए जहाज पर ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी और डायलिसिस के मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं लदी हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी नौसेना ने जहाज के इंजन रूम पर हमला किया और चालक दल के 28 सदस्यों को बंधक बना लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की नौसैनिक नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और एक शत्रुतापूर्ण कृत्य है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अपने अगले कदम का खुलासा करने से इनकार कर दिया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगर मैंने आपको बताया तो आपके पास एक बड़ी खबर होगी, है ना? लेकिन आप देखेंगे। सब बहुत अच्छे से हो रहा है। ईरान अच्छा नहीं कर रहा है।" राष्ट्रपति ने भविष्यवाणी की कि यह संघर्ष लंबे समय तक नहीं चलेगा, लेकिन उन्होंने किसी विशेष कार्रवाई या समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया।
इनपुट: IANS



