संसद में पप्पू यादव के 'भगवा' प्रदर्शन पर बोले बाबा रामदेव — 'सनातन का अपमान घोर अपराध'
योग गुरु बाबा रामदेव ने संसद में हुए एक विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर शामिल हुए थे। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में रामदेव ने कहा कि…
योग गुरु बाबा रामदेव ने संसद में हुए एक विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर शामिल हुए थे। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में रामदेव ने कहा कि भगवा, संतों, भगवान राम या सनातन विरासत का किसी भी रूप में अपमान करना अत्यंत आपत्तिजनक और एक गंभीर अपराध है।
यह पूरा मामला शुक्रवार को संसद में हुए एक सांकेतिक विरोध से जुड़ा है। इसमें सांसद पप्पू यादव ने भगवा कपड़े पहनकर एक नुक्कड़ नाटक जैसा प्रदर्शन किया था। इस नाटक के ज़रिए उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान की कथित चोरी को दर्शाने की कोशिश की।
संसद में कैसे हुआ प्रदर्शन?
इस विरोध प्रदर्शन में पप्पू यादव के साथ विपक्ष के कई अन्य सांसद भी शामिल हुए और उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नाटक के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने श्रद्धालु बनकर दान पेटी में पैसे डाले। वहीं, पुजारी की भूमिका निभा रहे पप्पू यादव ने दान को पेटी में डालने की बजाय प्रतीकात्मक रूप से अपनी जेब में रख लिया, ताकि कथित गबन को दिखाया जा सके। जब समाजवादी पार्टी के एक सांसद, जो श्रद्धालु की भूमिका में थे, ने इस पर सवाल उठाया तो यह सांकेतिक विरोध आगे बढ़ा।
'अराजक आंदोलन मकसद खो देते हैं'
बाबा रामदेव ने किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा कि जब कोई आंदोलन अराजकता का रूप ले लेता है, तो वह अपना उद्देश्य खो देता है। उन्होंने कहा, "अगर कोई आंदोलन अराजक हो जाता है, तो उसका कोई सार्थक नतीजा नहीं निकलता।" उन्होंने ज़ोर दिया कि विरोध मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से किया जाना चाहिए।
नीट पेपर लीक को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक अन्य प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा कि अपशब्दों का इस्तेमाल भारतीय संस्कृति और मूल्यों का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह होना चाहिए और नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए, ताकि समस्याओं का समाधान निकल सके।
इनपुट: IANS



