राम मंदिर चढ़ावा विवाद: पप्पू यादव के प्रदर्शन पर NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने
संसद परिसर में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के प्रदर्शन पर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। एक तरफ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय…
संसद परिसर में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के प्रदर्शन पर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। एक तरफ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इसे संसद का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, तो वहीं दूसरी ओर INDIA गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन को जायज़ ठहराते हुए मामले में जवाबदेही तय करने पर ज़ोर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा विवाद पप्पू यादव, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद और बढ़ गया है।
NDA ने की कार्रवाई की मांग
एनडीए के कई नेताओं ने इस प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "राहुल गांधी, अखिलेश यादव और डिंपल यादव समेत संसद के लिए चुने गए कई सांसदों ने पप्पू यादव की हरकत का समर्थन करने की कोशिश की। उन्होंने हिंदुओं, संतों और भगवान राम के भक्तों का अपमान किया। मैं इसकी कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता श्याम रजक ने भी प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "संसद कोई मंच नहीं है... अगर उन्हें ऐसा कुछ करना था, तो वे कहीं और कर सकते थे। संसद में ऐसा व्यवहार करना संसद का अपमान है।" इसी तरह, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने चेतावनी दी कि देश की जनता सनातन और हिंदू संस्कृति का मज़ाक बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने भी विपक्ष को लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि जब देश जवाब देगा तो उन्हें नतीजे भुगतने होंगे।
विपक्ष का पलटवार और बचाव
दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने पप्पू यादव का बचाव किया और सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने पूर्णिया के सांसद का समर्थन करते हुए कहा, "पप्पू यादव ने जो किया, वह बस लोगों का ध्यान खींचने का एक तरीका था। इसके पीछे कोई गलत मकसद नहीं था।" उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर में हुई चोरी और भक्तों के चढ़ावे की लूट को लेकर लोग अपने-अपने तरीके से यह मुद्दा उठा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर उनके काम को 'सनातन का अपमान' कहा जा रहा है, तो राम मंदिर में दान की चोरी, जमीन हड़पने और राम मंदिर के नाम पर कारोबार करने वालों के बारे में क्या कहेंगे? क्या उससे सनातन का सम्मान होता है?" वहीं, कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने पूछा कि क्या भगवा रंग पर भाजपा का कोई पेटेंट है? उन्होंने याद दिलाया कि तिरंगे में भी भगवा रंग होता है।
इनपुट: IANS



