कांगो: हिंसा की आग में झुलस रहा इबोला नियंत्रण अभियान, संयुक्त राष्ट्र ने चेताया
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के उत्तरी किवु प्रांत में बढ़ती हिंसा ने इबोला महामारी से निपटने के प्रयासों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, असुरक्षि…
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के उत्तरी किवु प्रांत में बढ़ती हिंसा ने इबोला महामारी से निपटने के प्रयासों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, असुरक्षित माहौल के कारण कई मानवीय संगठनों को अपने काम रोकने पड़े हैं, जिससे प्रभावित इलाकों तक मदद पहुंचाना मुश्किल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने एक ब्रीफिंग में बताया कि सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के चलते कम से कम छह मानवीय संगठनों ने बेनी इलाके के कई हिस्सों में अपनी गतिविधियां रोक दी हैं। इनमें वे सहयोगी भी शामिल हैं जो इबोला के प्रकोप को नियंत्रित करने में मदद कर रहे थे। यह हिंसा न केवल आम नागरिकों के विस्थापन का कारण बन रही है, बल्कि जीवन रक्षक सहायता के रास्ते में भी बाधा बन रही है।
हिंसा और उसके परिणाम
स्थानीय नागरिक समाज संगठनों का हवाला देते हुए डुजारिक ने कहा कि 13 से 19 जुलाई के बीच प्रांत के बेनी इलाके में हुए सिलसिलेवार हमलों में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। इन हमलों ने मानवीय कार्यों के लिए माहौल को बेहद खतरनाक बना दिया है।
इबोला का बढ़ता दायरा
यह संकट ऐसे समय में आया है जब इबोला का प्रकोप लगातार फैल रहा है। 20 जुलाई तक, DRC के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने पांच प्रांतों — इतुरी, नॉर्थ किवु, साउथ किवु, हौट-उएले और त्शोपो — में इबोला के 2,473 पुष्ट मामलों की सूचना दी थी। इस प्रकोप की घोषणा 15 मई को की गई थी, जो बंडिबुग्यो इबोला वायरस के कारण हुआ है। लोगों की आवाजाही, असुरक्षा, छोटे पैमाने पर खनन गतिविधियां और युगांडा व दक्षिण सूडान के साथ सीमा पार आवागमन इसके फैलने के मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी इबोला प्रभावित सभी क्षेत्रों में निगरानी, प्रयोगशाला परीक्षण, इलाज और सामुदायिक जागरूकता जैसी गतिविधियों को बढ़ाने में स्थानीय अधिकारियों की मदद करना जारी रखे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से आम नागरिकों की सुरक्षा करने और मानवीय सहायता कर्मियों के लिए सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी अपील दोहराई है।
इनपुट: IANS



