दक्षिणी लेबनान: जल संकट से जूझ रहे 7 लाख लोग, युद्ध अपराध की आशंका पर UN ने जताई चिंता
दक्षिणी लेबनान में संघर्ष के कारण तबाह हुए जल ढांचे ने एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तबाही के चलते 7 लाख से ज़्यादा लोगों के लिए साफ़ और…
दक्षिणी लेबनान में संघर्ष के कारण तबाह हुए जल ढांचे ने एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तबाही के चलते 7 लाख से ज़्यादा लोगों के लिए साफ़ और सुरक्षित पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। लौट रहे लाखों विस्थापित नागरिकों के लिए बुनियादी सेवाओं की बहाली एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने शुक्रवार को बताया कि शुरुआती आकलन में यह बात सामने आई है। दक्षिण और नबातियेह प्रांतों में जल आपूर्ति प्रणालियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे लोगों की परेशानियाँ बढ़ गई हैं।
स्वास्थ्य और आजीविका पर असर
सिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए OCHA ने कहा कि तालाबों, पंपिंग स्टेशनों और बोरहोल जैसी सुविधाओं को नुकसान पहुँचने से न केवल लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है, बल्कि खेती और आजीविका पर भी गहरा असर पड़ रहा है। विस्थापितों की वापसी के बावजूद मानवीय ज़रूरतें बनी हुई हैं। अब तक 8,21,000 से अधिक लोग अपने घरों को लौट चुके हैं, लेकिन 3,60,000 लोग अभी भी बेघर हैं, जिनमें से लगभग 27,000 सामूहिक आश्रयों में रह रहे हैं।
युद्ध अपराध की आशंका
इससे पहले सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा था कि लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों से आम लोगों को भारी परेशानी हुई है और यह युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। बेरूत में अपने चार दिवसीय दौरे के अंत में उन्होंने बताया कि उनके कार्यालय ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के बड़े पैमाने पर उल्लंघन दर्ज किए हैं। टर्क के अनुसार, 2 मार्च से संघर्ष में शामिल पक्षों द्वारा किए गए कथित उल्लंघनों पर सबूत इकट्ठा करने के लिए एक स्वतंत्र मिशन काम कर रहा है।
जान-माल का भारी नुकसान
लेबनानी अधिकारियों का हवाला देते हुए वोल्कर टर्क ने बताया कि 2 मार्च से अब तक लेबनान में 4,300 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है और 12,200 से ज़्यादा घायल हुए हैं। मृतकों में 135 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी और कई पत्रकार भी शामिल हैं।
इनपुट: IANS



