रविवार, 23 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: आउटरीच सत्र के लिए भारत ने नेपाल और बांग्लादेश को भेजा न्योता, क्षेत्रीय संबंधों पर नज़र

अगले महीने नई दिल्ली में होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच पर दो गैर-सदस्य पड़ोसी देश भी नज़र आएंगे। भारत ने इस सम्मेलन के 'आउटरीच सत्र' के लिए बांग्लादेश और नेपाल को आमंत्रित किया है…

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: आउटरीच सत्र के लिए भारत ने नेपाल और बांग्लादेश को भेजा न्योता, क्षेत्रीय संबंधों पर नज़र
(फोटो: IANS)

अगले महीने नई दिल्ली में होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच पर दो गैर-सदस्य पड़ोसी देश भी नज़र आएंगे। भारत ने इस सम्मेलन के 'आउटरीच सत्र' के लिए बांग्लादेश और नेपाल को आमंत्रित किया है, जिसे दक्षिण एशिया में आपसी जुड़ाव और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह निमंत्रण ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल का माहौल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पहल से न केवल 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ दक्षिण एशिया की सामूहिक भागीदारी मजबूत होगी, बल्कि यह भारत, नेपाल और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों का एक नया अध्याय भी शुरू कर सकता है।

सहयोग और द्विपक्षीय रिश्ते

ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों में क्षेत्रीय समूहों के अध्यक्षों को आमंत्रित करने की एक परंपरा रही है। बांग्लादेश वर्तमान में 'बिम्सटेक' का अध्यक्ष है, और नेपाल भी इसका सदस्य है। इस कदम का उद्देश्य साझा वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर बहुपक्षीय बातचीत को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, यह भारत को दोनों पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देने का अवसर भी प्रदान करता है, खासकर हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद।

'इंडिया नैरेटिव' की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि नेपाल में जहाँ एक नई राजनीतिक पार्टी सत्ता में है, वहीं बांग्लादेश में चुनी गई पार्टी के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं।

वैश्विक संदर्भ और भारत की भूमिका

यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बढ़ते संकट के दौर में हो रहा है। भारत, ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' की थीम के साथ वैश्विक शांति और सहयोग को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस सम्मेलन के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री को औपचारिक रूप से आमंत्रित करने के लिए नेपाल का दौरा कर सकते हैं। यह निमंत्रण नेपाल को 'ग्लोबल साउथ' की पहलों से बेहतर ढंग से जुड़ने में भी मदद करेगा।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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