अफ्रीकी देशों की ज़रूरतों के हिसाब से बनती हैं भारत की विकास नीतियां: विदेश मंत्री एस. जयशंकर
भारत की विदेश नीति अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग पर केंद्रित है, जिसमें विकास साझेदारी को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोटे डी आइवर में कहा कि भारत हमेशा अपने अफ्रीकी साझेदार…
भारत की विदेश नीति अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग पर केंद्रित है, जिसमें विकास साझेदारी को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोटे डी आइवर में कहा कि भारत हमेशा अपने अफ्रीकी साझेदार देशों की ज़रूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ही अपनी नीतियां तय करता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वे भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ साल पहले दिए गए 'कंपाला सिद्धांतों' का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं सिद्धांतों ने अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों और सहयोग की रूपरेखा तैयार की है। जयशंकर के मुताबिक, भारत का मानना है कि उसका हर सहयोग अफ्रीकी साझेदारों की अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए।
सहयोग और क्षमता निर्माण का माध्यम ITEC
जयशंकर ने बताया कि ITEC कार्यक्रम इस साझेदारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके ज़रिए भारत अपने विकास, सुरक्षा और शासन से जुड़े अनुभव और सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीकों को दूसरे देशों के साथ साझा करता है। उन्होंने इसे एक-दूसरे से सीखने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि भारतीय संस्थानों को भी प्रतिभागी देशों से आने वाले लोगों के अनुभवों का लाभ मिलता है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत 1964 में हुई थी और इस साल यह 62 वर्ष पूरे कर रहा है। आज यह 160 से अधिक देशों तक फैल चुका है और इसके तहत हर साल विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 10,000 लोगों को पूरी तरह से वित्तपोषित प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के विषयों में आईसीटी, डिजिटल गवर्नेंस, लोक प्रशासन, बैंकिंग, कृषि, ऊर्जा, कौशल विकास से लेकर रक्षा और आतंकवाद-विरोधी रणनीतियां तक शामिल हैं।
भारत-कोटे डी आइवर के मज़बूत रिश्ते
विदेश मंत्री ने भारत और कोटे डी आइवर के बीच गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि क्षमता निर्माण दोनों देशों की साझेदारी का एक अहम स्तंभ रहा है। पिछले 12 वर्षों में कोटे डी आइवर ने ITEC के लगभग 800 स्लॉट का उपयोग किया है।
जयशंकर ने कहा, "आज हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रक्षा क्षेत्र में 123 स्लॉट और नागरिक क्षेत्रों में 100 स्लॉट देने की प्रतिबद्धता है।" उन्होंने इस तरह के आदान-प्रदान से बनने वाले मानवीय जुड़ाव, अनुभवों और यादों को किसी भी रिश्ते की असली ताकत बताया।
इनपुट: IANS



