शनिवार, 7 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारत का केमिकल उद्योग 2040 तक छुएगा 1 ट्रिलियन डॉलर का स्तर? सरकार ने बताया पूरा रोडमैप

भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग आने वाले दो दशकों में अभूतपूर्व वृद्धि के लिए तैयार है। सरकार द्वारा जारी एक फैक्टशीट के मुताबिक, यह सेक्टर 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के…

भारत का केमिकल उद्योग 2040 तक छुएगा 1 ट्रिलियन डॉलर का स्तर? सरकार ने बताया पूरा रोडमैप
(फोटो: IANS)

भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग आने वाले दो दशकों में अभूतपूर्व वृद्धि के लिए तैयार है। सरकार द्वारा जारी एक फैक्टशीट के मुताबिक, यह सेक्टर 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के विशाल आकार तक पहुंच सकता है। वर्तमान में इस उद्योग का आकार लगभग 220 अरब डॉलर है, जो देश की औद्योगिक और विनिर्माण शक्ति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। आज भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा और एशिया का चौथा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक देश है। इस उद्योग के उत्पाद दवा, कपड़ा, निर्माण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई अहम सेक्टरों की रीढ़ हैं।

विदेशी निवेश और उत्पादन में तेज उछाल

इस क्षेत्र में तेज वृद्धि के पीछे सरकार की उदार नीतियां एक बड़ा कारण हैं। अधिकांश रसायन क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति है, जिसका अर्थ है कि विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए सरकारी मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ता। इसी का नतीजा है कि 2014 से 2026 के बीच इस सेक्टर में 1,04,895 करोड़ रुपए का FDI आया, जो 2004-2014 के दौरान मिले 45,240 करोड़ रुपए से दोगुने से भी ज्यादा है। उत्पादन के मोर्चे पर भी शानदार प्रगति हुई है, जो 2015-16 के 45,638 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 58,617 हजार मीट्रिक टन हो गया।

विशेष रसायनों में भारत की धाक

भारत न केवल सामान्य रसायनों में, बल्कि विशेष (स्पेशलिटी) रसायनों के क्षेत्र में भी एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है। देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डाई निर्माता और निर्यातक है। इसके अलावा, कृषि-रसायनों के निर्यात के मामले में भारत तीसरे स्थान पर काबिज है। इस विशाल उद्योग में करीब 13,000 बड़ी कंपनियां और 4.45 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) काम कर रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं: केमिकल पार्क और इनोवेशन

सरकार ने इस विकास को और गति देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। जुलाई 2026 में स्वीकृत 'भव्य रसायन' योजना के तहत देश में तीन विशेष केमिकल पार्क बनाए जाएंगे।

योजना की मुख्य बातें:

  • प्रत्येक पार्क का क्षेत्रफल कम से कम 8 वर्ग किलोमीटर (लगभग 2,000 एकड़) होगा।
  • केंद्र सरकार हर पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपए तक की सहायता देगी।
  • राज्य सरकार को कम से कम 500 करोड़ रुपए का योगदान करना होगा।
  • इस योजना का कुल वित्तीय प्रावधान 3,030 करोड़ रुपए है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी।

इसके अतिरिक्त, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नवंबर 2025 में 1 लाख करोड़ रुपए के कोष के साथ एक RDI योजना शुरू की गई है। इसका लक्ष्य निजी क्षेत्र को रिसर्च में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि भारत उन्नत तकनीकों में आत्मनिर्भर बन सके।

इनपुट: IANS

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