रविवार, 8 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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राजस्थान में हवा की सेहत बिगड़ी, सवाई माधोपुर राज्य का सबसे प्रदूषित शहर बना

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राजस्थान के कई शहरों की हवा जहरीली होने लगी है। राज्य के नवीनतम वायु गुणवत्ता बुलेटिन के अनुसार, सवाई माधोपुर 306 वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के साथ सबसे प्रदूषित शहर के…

राजस्थान में हवा की सेहत बिगड़ी, सवाई माधोपुर राज्य का सबसे प्रदूषित शहर बना
(फोटो: IANS)

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राजस्थान के कई शहरों की हवा जहरीली होने लगी है। राज्य के नवीनतम वायु गुणवत्ता बुलेटिन के अनुसार, सवाई माधोपुर 306 वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के साथ सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्तर 'अत्यंत खराब' श्रेणी में आता है, जो संवेदनशील समूहों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चिंताएं पैदा कर सकता है।

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सवाई माधोपुर में प्रदूषण का मुख्य कारण पीएम2.5 कणों को पाया गया है, जो सांस के जरिए फेफड़ों में आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक अन्य शहरों में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब' स्तर पर पहुंच गई है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है।

किन शहरों की हवा है 'खराब'?

बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, कई प्रमुख शहरों का AQI 200 के पार चला गया है, जिसे 'खराब' माना जाता है। इस सूची में बीकानेर (273), दौसा (232), चूरू (231), सीकर (227), नागौर (225), अलवर (224), झुंझुनू (224), करौली (215), श्री गंगानगर (213), जैसलमेर (210) और राजधानी जयपुर (207) शामिल हैं। बीकानेर में प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से पीएम10 कणों को जिम्मेदार पाया गया है।

मध्यम श्रेणी में भी कई शहर

राज्य के कई अन्य शहर भी प्रदूषण की 'मध्यम' श्रेणी में हैं, जहां AQI 101 से 200 के बीच दर्ज किया गया। इनमें टोंक (196), जोधपुर (192), हनुमानगढ़ (186), डीग (185), पाली (184) और भरतपुर (179) प्रमुख हैं। इनके अलावा झालावाड़, कोटा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, भीलवाड़ा, उदयपुर और सिरोही में भी हवा की गुणवत्ता मध्यम स्तर पर बनी हुई है।

स्वास्थ्य पर असर और सरकारी कदम

विशेषज्ञों के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI 'खराब' माना जाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। वहीं, 301 से 400 का स्तर 'अत्यंत खराब' होता है, जिसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से गंभीर श्वसन रोग हो सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और हृदय व फेफड़ों के मरीज इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, दिल्ली-एनसीआर के बिगड़े हालात के कारण राजस्थान सरकार ने भी राष्ट्रीय राजधानी से सटे अपने जिलों में निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजस्थान डेस्क

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