वीडियो · स्वास्थ्य दिवाली पर चाइनीज़ सामान न ख़रीदें तो क्या होगा? फ़ायदे vs नुकसान, आंकड़ों के साथ
चीनी झालर सिर्फ़ ₹100 में, देसी लगभग दोगुने दाम पर। और भारत हर साल चीन से 131 अरब डॉलर से ज़्यादा का सामान मंगाता है। तो अगर इस दिवाली कोई चाइनीज़ सामान न ख़रीदे, तो क्या होगा? देश का फ़ायदा या आपकी जेब पर बोझ? आंकड़ों के साथ समझिए।
इस वीडियो में:
00:00 सवाल: ₹100 की चीनी झालर vs देसी
00:16 चीन से आयात $131.6 अरब, घाटा रिकॉर्ड $112.6 अरब
00:32 दिवाली का बाज़ार: ₹6.05 लाख करोड़ (CAIT)
00:45 फ़ायदा: पैसा देश में, कुम्हार-कारीगरों की कमाई
00:58 सदर बाज़ार के व्यापारी: "लाइटें अब भारत में बनने लगीं"
01:07 नुकसान: देसी झालर करीब दोगुनी महंगी
01:23 "मेड इन इंडिया" के अंदर भी चीनी पार्ट्स
01:43 बीच का रास्ता
02:01 आपकी राय
आप इस दिवाली चाइनीज़ झालर ले रहे हैं या देसी? कमेंट में बताइए।
स्रोत: वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े (Business Standard, 15 अप्रैल 2026), CAIT (दिवाली 2025 सर्वे और 2026 अनुमान, व्यापारी संगठन के अनुमान), Global Times 2 नवंबर 2026 / Hindustan Times (झालर की कीमत, एक भारतीय आयातक के मुताबिक), Koan Advisory व Institute of Chinese Studies की रिपोर्ट (ThePrint, 17 सितंबर 2026)
बाइट: परमजीत सिंह पम्मा, अध्यक्ष, सदर बाज़ार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, दिल्ली
वीडियो: IANS · ग्राफ़िक: News 4 Social
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