शेयर बाजार में एक साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक छलांग, विदेशी निवेशकों की वापसी से सेंसेक्स-निफ्टी में बहार
घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने सकारात्मक माहौल के बीच विदेशी निवेशकों की जोरदार वापसी ने इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी ला दी। समाचार एजेंसी IANS के…
घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने सकारात्मक माहौल के बीच विदेशी निवेशकों की जोरदार वापसी ने इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी ला दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी ने एक साल से भी ज्यादा समय में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की, जिससे निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा है।
बीते सप्ताह सेंसेक्स 8.82% की शानदार छलांग लगाकर शुक्रवार को 81,028 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 8.58% की मजबूती देखी गई और यह 25,030 पर पहुंच गया। इस रिकॉर्ड रैली के पीछे सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की गई भारी खरीदारी रही। FII ने पिछले कुछ हफ्तों की बिकवाली का रुख पलटते हुए इस सप्ताह भारतीय बाजारों में करीब 45,960 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया।
तेजी के पीछे क्या रहे कारण?
इस उछाल को कई घरेलू और वैश्विक कारकों ने मिलकर सहारा दिया। देश में कंपनियों के दूसरी तिमाही के अच्छे नतीजे, अक्टूबर में वाहनों की बेहतर बिक्री और मजबूत जीएसटी संग्रह जैसे आर्थिक संकेतकों ने बाजार के लिए एक ठोस आधार तैयार किया।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने भी बाजार की धारणा को मजबूती दी। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट भी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए एक अच्छी खबर साबित हुई। सप्ताह के दौरान डब्ल्यूटीआई क्रूड 104-105 डॉलर से घटकर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 97-98 डॉलर के दायरे में कारोबार करता दिखा। दोनों में साप्ताहिक आधार पर 12% से ज्यादा की गिरावट आई।
इन सेक्टरों ने किया दमदार प्रदर्शन
बाजार की इस रैली का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों ने किया। बैंक निफ्टी सप्ताह के दौरान करीब 8% चढ़ गया। वित्तीय सेवाओं, निजी बैंकों, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। यह तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 5.77% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.77% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दौरान अमेरिकी बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में बड़ी गिरावट आई, जिससे एसएंडपी 500 कंपनियों को लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इसके बावजूद भारतीय बाजार एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में उभरा।
इनपुट: IANS



