शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ईरान युद्ध में शहीद भारतीय मूल की सैनिक को न्यूयॉर्क में अंतिम विदाई, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अपनी जान गंवाने वाली भारतीय मूल की अमेरिकी सेना की सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को न्यूयॉर्क में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शुक्रवार को हुए उनके अंतिम…

ईरान युद्ध में शहीद भारतीय मूल की सैनिक को न्यूयॉर्क में अंतिम विदाई, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
(फोटो: IANS)

ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अपनी जान गंवाने वाली भारतीय मूल की अमेरिकी सेना की सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को न्यूयॉर्क में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शुक्रवार को हुए उनके अंतिम संस्कार में शहर के मेयर जोहरान ममदानी समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मौके पर उनकी मां कैरोल एसेवेडो ने कहा, “मेरी बेटी एक असली हीरो थी।”

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पिछले महीने जुलाई के अंत में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए एक ईरानी मिसाइल हमले में सर्जेंट रामप्रसाद की मृत्यु हो गई थी। वह मूल रूप से त्रिनिदाद की थीं और दो साल की उम्र में अमेरिका आ गई थीं। उनकी शहादत के सम्मान में न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने पूरे राज्य में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश दिया था।

शोक और सम्मान

सर्जेंट रामप्रसाद के पार्थिव शरीर को न्यूयॉर्क पुलिस के मोटरसाइकिल दस्ते के साथ एक काफिले में चर्च ले जाया गया, जहां मेयर जोहर ममदानी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, “सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद की हिम्मत और कुर्बानी को पूरे शहर में याद किया जाएगा।” बाद में लॉन्ग आइलैंड के एक कब्रिस्तान में उन्हें सैन्य सम्मान के साथ दफनाया गया। गवर्नर होचुल ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके जैसे बहादुर अमेरिकियों की वजह से ही देश सुरक्षित है।

इससे पहले 22 जुलाई को जब उनका पार्थिव शरीर जॉर्डन से डोवर एयर फोर्स बेस लाया गया था, तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने उसे सैन्य सम्मान के साथ ग्रहण किया था।

ईरान युद्ध में हताहतों का संदर्भ

सर्जेंट रामप्रसाद जर्मनी में आर्मी एयर और मिसाइल डिफेंस कमांड में तैनात थीं और उन्हें युद्ध के लिए जॉर्डन भेजा गया था। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर बमबारी के साथ शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं।

IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने पहले सर्जेंट रामप्रसाद का नाम ईरान युद्ध में मारे गए सैनिकों की सूची में रखा था। हालांकि, रविवार को उनका नाम वहां से हटाकर “ओवरसीज ऑपरेशन्स” नामक एक नई सूची में डाल दिया गया। ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम ईरान युद्ध में हताहतों की आधिकारिक संख्या को कम दिखाने के लिए उठाया गया हो सकता है। 17 जुलाई के हमले में उनके साथ कैप्टन टायलर जेम्स फीहान और प्राइवेट फर्स्ट क्लास इसाबेला गोंजालेस भी मारी गई थीं।

इनपुट: IANS

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