भारत और वर्ल्ड बैंक की साझेदारी में नया अध्याय: अब कर्ज से आगे बढ़कर टूरिज्म, डिजिटल इंफ्रा और प्राइवेट पूंजी पर होगा फोकस
भारत और विश्व बैंक समूह (World Bank Group) अब अपनी दशकों पुरानी साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं। अब तक मुख्य रूप से कर्ज देने तक सीमित रहे इस रिश्ते का दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिसमें डिजिटल…
भारत और विश्व बैंक समूह (World Bank Group) अब अपनी दशकों पुरानी साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं। अब तक मुख्य रूप से कर्ज देने तक सीमित रहे इस रिश्ते का दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और निजी पूंजी जुटाने जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सहमति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा के बीच एशविले में हुई एक बैठक के दौरान बनी।
यह अहम बैठक G20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक के मौके पर हुई। इस मुलाकात के बाद जारी एक बयान में बताया गया कि दोनों पक्षों ने साझेदारी को मजबूत करने और विश्व बैंक के वित्तीय साधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने भारत के साथ विश्व बैंक समूह के निरंतर जुड़ाव की सराहना की और 1.5 अरब डॉलर के डेवलपमेंट पॉलिसी फाइनेंसिंग को तेजी से प्रोसेस करने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
छोटे उद्योगों को मिली मदद और भविष्य की योजना
निर्मला सीतारमण ने इस बात पर खुशी जताई कि विश्व बैंक समूह की शाखा इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के माध्यम से MSME यानी छोटे और मझोले उद्योगों को सहयोग दिया। बयान के मुताबिक, यह मदद रिकॉर्ड समय में पूरी की गई, जिसका भारतीय MSME सेक्टर पर बहुत सकारात्मक असर पड़ा है।
बैठक में भविष्य के सहयोग के लिए कई नए क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। अजय बंगा ने भारत के बुनियादी ढांचे में आए बड़े बदलावों का जिक्र किया और कहा कि भारत की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए विश्व बैंक समूह अपने संसाधनों का और बेहतर इस्तेमाल कर सकता है।
निवेश और डिजिटल हब पर भी नजर
दोनों नेताओं ने भारत में मल्टीलेटरल इन्वेस्टमेंट गारंटी एजेंसी (MIGA) की भूमिका बढ़ाने पर भी बात की। इसका मकसद गारंटी का व्यवस्थित इस्तेमाल करके और निजी पूंजी जुटाकर देश के कॉरपोरेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार को और मजबूत करना है।
बातचीत में वित्त मंत्री ने भारत में विश्व बैंक के साथ मिलकर एक 'ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर नॉलेज हब' बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। इस प्रस्तावित केंद्र के जरिए कृषि समेत कई क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के नए तरीके खोजे जाएंगे। उन्होंने इसके जल्द लॉन्च होने की उम्मीद भी जताई। इसके अलावा, सीतारमण ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थल विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें विश्व बैंक की विभिन्न संस्थाओं की विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा।
इनपुट: IANS



