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अहमदाबाद एयरपोर्ट बना इंटरनेशनल हब, जानिए यात्रियों और गुजरात की अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार की 'हब एंड स्पोक' मॉडल रणनीति के तहत अहमदाबाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस नई व्यवस्था से यात्रियों को…

अहमदाबाद एयरपोर्ट बना इंटरनेशनल हब, जानिए यात्रियों और गुजरात की अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगा फायदा
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार की 'हब एंड स्पोक' मॉडल रणनीति के तहत अहमदाबाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस नई व्यवस्था से यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए दिल्ली जैसे बड़े एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उनकी यात्रा आसान और तनाव-मुक्त हो जाएगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को इस सुविधा का शुभारंभ किया।

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पहले, अहमदाबाद से पेरिस, टोरंटो या सिडनी जैसी जगहों पर जाने वाले यात्रियों को एक जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। उन्हें दिल्ली के लिए अलग से घरेलू फ्लाइट बुक करनी होती थी, वहां पहुंचने पर अपना सामान खुद संभालना होता था, और फिर लंबे इमिग्रेशन और सुरक्षा जांच की कतारों का सामना करना पड़ता था। इसमें कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का भी खतरा बना रहता था।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

'हब एंड स्पोक' मॉडल के लागू होने से अब यह पूरी प्रक्रिया अहमदाबाद में ही पूरी हो जाएगी। यात्रियों का इमिग्रेशन, चेक-इन और सामान की जांच (बैगेज चेक-थ्रू) यहीं हो जाएगी। इसके बाद उनका सामान सीधे उनकी अंतिम अंतरराष्ट्रीय मंजिल तक पहुंचेगा, जिससे बड़े एयरपोर्ट पर होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री नायडू ने बताया कि पिछले साल ही 1.6 करोड़ यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अहमदाबाद से दिल्ली की यात्रा की थी। इस नई सुविधा से न केवल मौजूदा यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे आयोजनों के लिए अहमदाबाद और अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर सकेगा।

अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अध्ययनों से पता चलता है कि इस तरह के एविएशन हब के विकास से अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। अनुमान है कि 2030 तक इससे लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो सकते हैं और देश की जीडीपी में 30 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त योगदान हो सकता है। यह आंकड़ा 2047 तक बढ़कर 1.6 करोड़ नौकरियों और अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन डॉलर के योगदान तक पहुंच सकता है। राम मोहन नायडू के अनुसार, यात्रियों की संख्या बढ़ने से अहमदाबाद के कपड़ा, फार्मा, हीरा और इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भी सीधा फायदा होगा।

योजना का विस्तार

अहमदाबाद में इस मॉडल का लॉन्च भारत की इंटरनेशनल एविएशन हब रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत को भारतीय यात्रियों के लिए पसंदीदा और 2047 तक एक प्रमुख वैश्विक विमानन केंद्र बनाना है। नायडू ने जानकारी दी कि आने वाले महीनों में इस फ्रेमवर्क का विस्तार देश के 22 और हवाई अड्डों तक किया जाएगा, जिसमें गुजरात का सूरत भी शामिल है। बता दें कि भारत में हब एंड स्पोक ऑपरेशन की शुरुआत 25 जून, 2026 को वाराणसी से हुई थी। अहमदाबाद में आयोजित उद्घाटन समारोह में मंत्री नायडू के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

इनपुट: IANS

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