भारत और पाकिस्तान ने साझा की कैदियों की सूची, भारत ने 188 नागरिकों की जल्द रिहाई की मांग दोहराई
भारत और पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत बुधवार को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मौके पर भारत ने पाकिस्ता
भारत और पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत बुधवार को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मौके पर भारत ने पाकिस्तान से उन 188 भारतीय कैदियों और मछुआरों को जल्द रिहा करने की अपनी मांग दोहराई जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं।
यह प्रक्रिया नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक चैनलों के माध्यम से पूरी की गई। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान को अपनी हिरासत में मौजूद 386 नागरिक कैदियों और 53 मछुआरों की सूची सौंपी है, जिनके पाकिस्तानी होने की पुष्टि हो चुकी है या संभावना है।
इसके जवाब में, पाकिस्तान ने भी अपनी हिरासत में बंद 52 भारतीय नागरिक कैदियों और 198 भारतीय मछुआरों की सूची भारत को सौंपी है।
समझौते के तहत होती है प्रक्रिया
दोनों देशों के बीच साल 2008 में हुए कांसुलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के अनुसार, हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इस तरह की सूचियों का आदान-प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों को अपनी-अपनी हिरासत में मौजूद दूसरे देश के नागरिकों के बारे में जानकारी देना है।
भारत की प्रमुख मांगें
भारत सरकार ने पाकिस्तान से न केवल सजा पूरी कर चुके 188 भारतीयों की तत्काल रिहाई और वतन वापसी की मांग की है, बल्कि कई अन्य मुद्दों पर भी जोर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, "पाकिस्तान से कहा गया है कि वह अपनी हिरासत में मौजूद उन 13 नागरिक कैदियों को तुरंत कांसुलर एक्सेस दे, जिन्हें भारतीय माना जाता है, लेकिन अब तक यह सुविधा नहीं दी गई है।"
इसके अतिरिक्त, भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि जब तक इन सभी कैदियों और मछुआरों की रिहाई नहीं हो जाती, तब तक उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लापता भारतीय रक्षा कर्मियों और उनकी नौकाओं को भी जल्द भारत भेजने की मांग की गई है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरे और 78 नागरिक कैदी पाकिस्तान से भारत लौट चुके हैं। इनमें पिछले साल से अब तक लौटे 500 मछुआरे और 20 नागरिक कैदी भी शामिल हैं।
इनपुट: IANS



